पिथौरागढ़। भगवान भोलेनाथ का स्मरण कर घर से निकले हैं। बाबा की इच्छा रही तो जरूर आदि कैलाश के दर्शन होंगे। यह कहना है राजस्थान से पिथौरागढ़ पहुंचे यात्री सुमेर सिंह का।
राजस्थान के श्रीगंगानगर से बाबा कैलाशनाथ गिरि के नेतृत्व में 42 यात्रियों का जत्था सोमवार को पर्यटक आवास गृह पिथौरागढ़ पहुंचा। यात्रियों को टीआरसी धारचूला में रुकना था लेकिन वहां जगह नहीं होने के चलते उन्हें पिथौरागढ़ पर्यटक आवास गृह में शिफ्ट किया गया। सुबह सैर पर निकले यात्री सुमेर सिंह यात्रा से बात की तो वह यात्रा को लेकर खासे उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि वर्षों से मन में भोलेनाथ के दर्शन की इच्छा थी। उन्हीं के आशीर्वाद से यहां तक पहुंचे हैं। उनकी इच्छा होगी तो अवश्य ही दर्शन होंगे।
सुमेर सिंह की तरह ही करीब 300 यात्री इस समय आदि कैलाश और पार्वती कुंड के दर्शन की लालसा लिए पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि इस समय सर्वाधिक यात्री राजस्थान से धारचूला की व्यास घाटी में स्थित आदि कैलाश दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उसके बाद गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और यूपी से बड़ी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क गर्बाधार में चट्टान दरकने के चलते बंद होने की सूचना से यात्रियों में मायूसी है। फिर भी उनका कहना है कि वह दो-तीन दिन सड़क खुलने का इंतजार करेंगे।
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सभी पर्यटक आवास गृह यात्रियों से भरे
पिथौरागढ़। केएमवीएन के जिले में नौ पर्यटक आवास गृह पिथौरागढ़, डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी, विर्थी, थल, चौकोड़ी, गंगोलीहाट और पातालभुवनेश्वर में हैं। इनमें पिथौरागढ़, चौकोड़ी, धारचूला और मुनस्यारी की क्षमता सौ यात्रियों की हैं। सबसे छोटा टीआरसी 15 यात्रियों की क्षमता का है। यह सभी पर्यटक आवास गृह इस समय यात्रियों से भरे हुए हैं। संवाद
फोटो 16 पीटीएच 22 पी-धारचूला के व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश। संवाद
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छह दिन से सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं यात्री
धारचूला में टीआरसी और होटलों में नहीं है जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश यात्रा के तीसरे और चौथे दल के यात्री सड़क खुलने के इंतजार में धारचूला में ही रुके हैं। इनके अलावा निजी टूर आपरेटर के उच्च हिमालयी क्षेत्र की सैर में जाने वाले दो सौ से अधिक यात्री धारचूला और ऊपरी क्षेत्रों में हैं। गर्बाधार में पहाड़ी दरकने से अभी सड़क बंद है। बताया जा रहा है कि वहां पहाड़ी से रुक-रुक कर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। तीसरे दल के सात यात्री पिछले छह दिन से और चौथे दल के पांच यात्री दो दिन से गर्बाधार और ज्योलिकांग सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में यात्रियों के दल आदि कैलाश के दर्शन करने आ रहे हैं लेकिन सड़क बंद होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। यात्रा अधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि बुधवार को सड़क खुलने के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा।
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ज्योलिंकांग सड़क के आज खुलने की उम्मीद
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्र के कुटी से ज्योलिंकांग (14000 फुट) के बीच ग्लेशियर आने से बंद हुई सड़क के आज खुलने की संभावना है। केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश के यात्रा अधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि मंगलवार को आईटीबीपी के सहायक कमांडेंट ज्योलिंकांग का निरीक्षण करने गए हैं। ज्योलिंकांग जाने वाली निगम की टीम भी पिछले 16 दिन से गुंजी में ही रुकी है। निरीक्षण के दौरान सड़क सही मिली तो निगम कर्मी भी आज ज्योलिंकांग कैंप को रवाना हो जाएंगे।
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गुजराती पर्यटक मुनस्यारी गए
पिथौरागढ़। आदि कैलाश दर्शन को गुजरात से आया 42 पर्यटकों का दल सड़क बंद होने से धारचूला से मुनस्यारी चला गया है। यह दल धारचूला टीआरसी में रहकर सड़क खुलने का इंतजार कर रहा था। सोमवार को यह दल भी गर्बाधार में सड़क खुलने की सूचना पर वहां पहुंचा लेकिन चट्टान दरकने से यात्रियों को वापस लौटना पड़ा। संवाद
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आदि कैलाश यात्रियों को राजस्थानी भाषा में दिलाई हिमालय बचाओ की शपथ
पिथौरागढ़। राजस्थान से आदि कैलाश दर्शन के लिए आए 42 यात्रियों को केएमवीएन पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने राजस्थानी भाषा में हिमालय बचाओ अभियान की शपथ दिलाई। यात्रियों को हिमालय क्षेत्र में गंदगी न करने और वहां पड़े कूड़ा के निस्तारण करने का भी अनुरोध किया गया। यात्रियों को कालापानी मंदिर में रोपण के लिए पौधे भी दिए गए।
यात्री दल में शामिल लक्ष्मी नारायण व्यास, खुशवंत अरोरा ने गुरुरानी की पहल का स्वागत किया। यात्रा दल में शामिल गंगानगर के महंत कैलाश नाथ ने बताया कि वह अपने अनुयायियों के साथ वर्ष 1998 से लगातार आदि कैलाश यात्रा के लिए जा रहे हैं। यात्रा का स्वागत करने वालों में हर सिंह, शेर सिंह, वेदप्रकाश, विजय बोरा, पदम सिंह, सौरभ खोलिया, गोपाल बिष्ट, दीपक बिष्ट, महेश कुमार आदि शामिल रहे। संवाद