पिथौरागढ़। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ठगी के मामले में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 1,10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुुसार चार महिलाओं ने लोनिवी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी करने की शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस ने हल्द्वानी के तुलसीनगर काठगोदाम निवासी खीमानंद नैनवाल के खिलाफ पिथौरागढ़ कोतवाली में आईपीसी की धारा 420 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह ने आईपीसी की धारा 420 के तहत दोष सिद्ध करते हुए अभियुक्त को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 1,10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 506 के आरोप पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया। मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी रितेश वर्मा ने की। संवाद