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Pithoragarh News: जिले के तीन महाविद्यालयों के पास नहीं है अपना भवन

Thu, 05 Oct 2023 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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निर्माणाधीन गणाईगंगोली का भवन। संवद
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पिथौरागढ़। जिले के आठ ब्लॉक में सात महाविद्यालय हैं। इसमें राजकीय महाविद्यालय मुवानी, गंगोलीहाट, गणाईगंगोली, नारायणनगर डीडीहाट, बेड़ीनाग, बुलवाकोट, मुनस्यारी और पिथौरागढ़ कैंपस शामिल हैं। मुवानी, गंगोलीहाट और गणा ईगंगोली महाविद्यालय को छोड़कर सभी महाविद्यालयों अपने भवन में संचालित हो रहे हैं। मुवानी महाविद्यालय का नया भवन तो बन गया है, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण सहकारी संस्था के दिए गए भवन में ही कक्षाओं का संचालन हो रहा है। गंगोलीहाट महाविद्यालय का भी भवन तैयार है। सड़क नहीं होने से 22 साल से पंचायतघर में किराये पर चल रहा है। गणाई गंगोली महाविद्यालय के भवन का काम अंतिम चरण में है। वर्तमान में महाविद्यालय विधायक निधि से बने टिन शेड में चल रहा है।
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नौ हजार रुपये किराये पर अतिथि गृह में हो रहा संचालन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। कई आंदोलनों के बाद 2001 में महाविद्यालय खुला। तब से लेकर अब तक महाविद्यालय का संचालन जिला पंचायत के अतिथि गृह में किराये पर हो रहा है। प्रतिमाह महाविद्यालय प्रबंधन जिला पंचायत को नौ हजार रुपये किराया देता है। महाविद्यालय में 352 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दो साल पहले छह करोड़ की लागत से महाविद्यालय भवन बनकर तैयार हो गया है, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण नया भवन वीरान पड़ा है।

विधायक निधि के टिन शैडों में हो रही पढ़ाई
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय महाविद्यालय गणाई गंगोली 2014-15 स्थापित किया गया। तब तत्कालीन विधायक नारायण राम आर्य ने महाविद्यालय के लिए विधायक निधि से टिन शेड बनाए। महाविद्यालय में 25 से 30 किमी दूर से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। महाविद्यालय के नये भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। नवंबर में इसके पूरा होने की उम्मीद है। वर्तमान अपना भवन नहीं होने के कारण यहां पर एमएस, बीएससी की कक्षाओं के संचालन को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। महाविद्यालय में 314 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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सहकारी संस्था के टिनशेड में चल रहा मुवानी महाविद्यालय
मुवानी (पिथौरागढ़)। वर्ष 2014 में राजकीय महाविद्यालय मुवानी की स्थापना हुई। तब सहकारी संस्था के छोटे से भवन में स्नातक स्तर की कक्षाओं का संचालन किया गया। जगह की कमी को देखते हुए लंबे समय बाद प्रदेश सरकार ने महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए करोड़ों की धनराशि स्वीकृत की। मुंगरौली में भवन बनकर तैयार भी हो गया है, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण वहां का भवन वीरान पड़ा है। वर्तमान में कक्षाओं का संचालन सहकारी संस्था के टिन शेड में हो रहा है। जहां पर 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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चंपावत के सभी सातों डिग्री कॉलेज के पास है अपने भवन

इनपुट

चंपावत। चंपावत जिले का कोई भी राजकीय डिग्री कॉलेज किराये पर नहीं चल रहा है। सभी के पास अपने भवन हैं। आधारभूत ढांचा भी ठीक है लेकिन विषयों की कमी है।
जिले में सात (चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर, बनबसा, अमोड़ी, देवीधुरा और पाटी) राजकीय डिग्री कॉलेज हैं। हर कॉलेज के पास अपना भवन है। बनबसा, अमोड़ी, देवीधुरा और पाटी के भवनों का निर्माण पिछले तीन साल में हुआ है। अन्य कॉलेज के पास पहले से ही शानदार भवन हैं। चंपावत डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंद्र राम का कहना है कि कॉलेज में भवन सहित जरूरी आधारभूत ढांचा पर्याप्त है। जिले में विषयों की कमी जरूर है। वहीं जिले के किसी भी कॉलेज में कानून की पढ़ाई नहीं होती है। संवाद
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