पिथौरागढ़। इस वर्ष नगरपालिका की ओर से पिथौरागढ़ में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी का आयोजन नहीं किया जाएगा। कुछ लोगों और राजनीतिक विरोध के कारण यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी के आयोजन का विरोध करने वालों के लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। यह आयोजन 17 से 24 नवंबर तक आयोजित होना था।
बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी के आयोजन को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शरदोत्सव कराना पालिका के कर्तव्यों के तहत आता है। जनहित में इसका आयोजन प्रतिवर्ष होना चाहिए। सीएम ने भी वर्ष 2021 में शरदोत्सव और विकास प्रदर्शनी को राजकीय मेला किए जाने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों और राजनैतिक विरोध के कारण मेले का आयोजन इस वर्ष नहीं किया जाएगा। कुछ विरोधी लोग पालिका कर्मियों और बोर्ड की छवि खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों की निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
इनसेट
ये प्रस्ताव पारित किए गए
पिथौरागढ़। बोर्ड बैठक में सुभाष चौक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा 15 दिन में लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। पालिका की आय वृद्धि के लिए नौले के पास सात दुकानों के प्रथम तल पर सात दुकानें बिना प्रीमियम प्राप्त कर आवंटित, मटियानी आरा मशीन सड़क पर पार्किंग के लिए मासिक निविदा आवंटित, विकास भवन के पीछे जोगिया धारा नाले पर पार्किंग निर्माण करने, बाखली बरात घर के पास अवशेष गैराज किराए पर देने, मोक्षधाम, एसएसबी द्वार, ट्रांसपोर्ट नगर व धोबीघाट के पास वाहन पार्किंग विकसित कर मासिक किराये पर वाहन पार्किंग के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रकाश व्यवस्था के लिए स्वीकृत 198.46 लाख की प्रदान स्वीकृति समेत अन्य कामों के शिलान्यास सीएम से कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
इनसेट
बाल मेले का आयोजन होगा
पिथौरागढ़। बोर्ड बैठक में कहा गया कि शरदोत्सव एवं विकास प्रदर्शनी के लिए विभिन्न स्कूली बच्चों और सांस्कृतिक दलों ने तैयारी कर ली थी। इसका आयोजन नहीं होने से सभी को मायूस होना पड़ेगा। इसको देखते हुए रामलीला मैदान में पांच दिवसीय बाल मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक का विरोध
पिथौरागढ़। इस बोर्ड बैठक का विरोध 20 में से 12 सभासदों ने किया। इनमें सभासद सरस्वती मखौलिया, भावना नगरकोटी, राधा सूंठा, नीरज कुमार, किशन खड़ायत, अनिल कुमार जोशी, अनिल माहरा, पवन माहरा, रविंद्र सिंह बिष्ट, कमल कुमार पांडेय, राधिका लुंठी और हेमा साही शामिल हैं। उनका कहना कि विकास कार्यों की अनदेखी की गई और दुकानों का आवंटन अपने चहेतों को मात्र एक हजार रुपये में किया गया है। संवाद