पिथौरागढ़। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार को डाउन ग्रेड वेतन के निर्णय को वापस लेना होगा। समिति ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
रामलीला मैदान धरना स्थल टकाना में मंगलवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के लोगों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य कर्मियों को भारत सरकार की तर्ज पर लिए गए डाउन ग्रेड वेतन के निर्णय को शीघ्र वापस लेना होगा। इसके अलावा कर्मियों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग भी उठाई।
वक्ताओं ने कहा कि चुनाव से पहले कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका था। समन्वय समिति को विधानसभा चुनाव के बाद समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। धरने पर एमसी जोशी और कैलाश पंत बैठे।
इस दौरान चंद्रशेखर भट्ट, प्रदीप भट्ट, बिजेंद्र लुंठी, एमपीएस डोभाल, एमएल वर्मा, पंकज पंत, चंद्र प्रकाश जोशी, पीसी पाटनी, आकाश झिझानिया, राधा चौहान, वंदना भट्ट, नंद किशोर जोशी, ललित शर्मा, दीपक वर्मा, नवीन महर, महेंद्र सिंह, एसडी भट्ट, डीएस रायपा, रोहित उप्रेती, भुवन तिवारी, सौरभ चंद, राजू राणा, संजय वर्मा, गोकुल देउपा आदि मौजूद थे।
कर्मचारी नेताओं को किया सम्मानित
पिथौरागढ़। धरना स्थल पर पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारी नेता दिनेश गुरुरानी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा कर्मियों की प्रमुख मांगों के लिए आंदोलन करने वाले एमसी जोशी, कैलाश पंत, एलडी पंत, चारु चंद्र जोशी, बीएस कार्की, दयानंद भट्ट, पीएस डीनिया, कृपाल सिंह मेहता को भी सम्मानित किया गया।