पिथौरागढ़। चीन सीमा तक सड़क बनने के बाद नेपाल के साथ भारत के रोटी-बेटी के रिश्ते में कड़वाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। नेपाल के बंगाबगड़ (भारतीय क्षेत्र घटधार) के सामने भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं। इससे पूर्व भी धारचूला क्षेत्र में तटबंध के निर्माण में नेपाल की ओर से पत्थरबाजी कर निर्माण कार्य में व्यवधान पहुंचाया गया था।
नेपाल में नेकपा एमाले और नेकपा माओवादी केंद्र गठबंधन की सरकार बनने के बाद नेपाल में भारत का विरोध तेज हुआ है। कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधूरा को नेपाल ने अपना भू-भाग बताते हुए भारत पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। वामपंथी विचारधारा के दलों का ये प्रमुख मुद्दा रहा है। बंगाबगड़ (नेपाल) में नेकपा एमाले के समर्थकों की विचारधारा वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है। यहां भारतीय क्षेत्र घटधार के ठीक सामने कुछ घरों की दीवारों पर नो कालापानी, नो वोट सहित कई अन्य भारत विरोधी नारे लिखे गए हैं। संवाद
वॉल पेंटिंग में भारतीय क्षेत्र को नेपाल का बताया था
पिथौरागढ़। वर्ष 2023 में अंतरराष्ट्रीय झूलापुल धारचूला (दार्चूला) के पास पुनघट पुलघाट क्षेत्र में नेपाल प्रशासन और वहां के पर्यटन विभाग ने वाॅल पेंटिंग की थी। इसमें दार्चूला (नेपाल) के मानचित्र में कालापानी, लिंपियाधूरा और लिपुलेख क्षेत्र को नेपाल में दर्शाकर ओम पर्वत की पेंटिंग बनाई गई थी। वाॅल पेंटिंग के साथ नेपाल के महान विभूतियों के चित्र भी बनाए थे। एक ओर भारत नेपाल से संबंध सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। दूसरी ओर नेपाल में भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ रही हैं। संवाद
वर्ष 2022 में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था वीडियो
पिथौरागढ़। वर्ष 2020 में केपी ओली सरकार में जारी मानचित्र जिसमें भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधूरा को नेपाल ने अपने भू-भाग के रूप में दर्शाया था। इस मानचित्र को दार्चूला जिले के वार्ड नंबर एक छांगरू में स्तंभ पर लगाया गया था। उस समय व्यास गांव पालिका के अध्यक्ष मंगल सिंह धामी ने इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था। संवाद