भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार 2015 शनिवार को संपन्न हो गया। 15 व्यापारियों का अंतिम जत्था आज सुबह लिपुलेख दर्रा पारकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया है। गुंजी से सहायक ट्रेड अधिकारी पीएस कुटियाल ने बताया कि अब तकलाकोट में कोई व्यापारी नहीं है। सभी व्यापारी सकुशल भारत लौट आए हैं। इधर, भारत-तिब्बत व्यापार समिति के जीवन रौंकली, पदम सिंह रायपा ने बताया कि अब व्यापारियों की प्राथमिकता तिब्बत से लाए गए सामान को जौलजीबी मेले में पहुंचाना है। जौलजीबी मेला 14 नवंबर से शुरू होता है। व्यापारी गुंजी से धारचूला की ओर रवाना हो गए हैं।