संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में लॉकडाउन के दौरान बड़े और छोटे होटल रेस्टोरेंट तो खुल गए हैं, लेकिन होटल स्वामियों को होम डिलीवरी के आर्डर नहीं मिल रहे हैं। इससे होटल स्वामी काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि वो दिन भर ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें मुश्किल से एक या दो ऑर्डर मिल रहे हैं।
कोविड-19 के कहर का सबसे अधिक प्रभाव होटल व्यापारियों पर पड़ा है। कोरोना के कहर के बाद होटल व्यवसाय पूरी तरह ठप पड़ गया है। सरकार ने होटल स्वामियों को खाने की सिर्फ होम डिलीवरी कराने के आदेश जारी किए थे, लेकिन सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में होटल व्यापारियों को दिन भर में मुश्किल से एक या दो ही आर्डर मिल पा रहे हैं। इससे होटल व्यापारी काफी परेशान हैं। होटल व्यापारियों का कहना है होटल के लंबे समय तक बंद रहने के कारण उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। होटल के खुलने के आदेश के बाद थोड़ी उम्मीद जागी थी, लेकिन लोग कोविड के डर के बाद खाने की होम डिलीवरी के ऑर्डर नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में होटल मे काम कर रहे कर्मचारियों, बिजली, पानी के बिल का भुगतान करना उनके लिए चुनौती बन गया है। उन्होंने सरकार से होटल स्वामियों का बिजली पानी का बिल माफ करने और होटलों में काम में लगे लोगों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
-- ::बोले होटल स्वामी :: "लॉकडाउन के कारण लंबे समय तक होटल बंद रहे। इससे उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। होटलों के खुलने के बाद थोड़ी उम्मीद जागी थी। लेकिन लोग होम डिलीवरी के लिए आर्डर नहीं कर रहे हैं। ऐसे में होटल में काम में लगे कर्मचारियों की तनख्वा निकालना भी मुश्किल हो गया है।" -मनोज नगरकोटी भोजनालय, बैंक रोड पिथौरागढ़।
---::" लॉकडाउन में लंबे समय तक होटल बंद रहे। इसके बाद भी होटल स्वामियों को बिजली, पानी के बिल भेजे जा रहा हैं। जबकि बंदी के दौरान पानी और बिजली का इस्तेमाल नहीं किया गया। होम डिलीवरी के आर्डर नहीं मिल रहा है। कोविड के कहर से होटल व्यवसाय पूरी तरह चरमरा गया गया है। -अजय रावत, रावत भोजनालय पिथौरागढ़।