आदि कैलाश के शिव-पार्वती मंदिर का कपाट बंद
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चीन सीमा से सटे वाइब्रेंट विलेज कुटी के ज्योंलिंगकांग में 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश के शिव-पार्वती मंदिर का कपाट पांच नवंबर को दोपहर चार बजे रं-री रीति-रिवाज और पूजा-अर्चना के बाद बंद कर दिया गया। अब मंदिर के कपाट अगले साल मई माह में खुलेंगे।
पुजारी वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि नवंबर माह में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए मंदिर समिति और ग्रामीणों की आपसी सहमति से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पांच नवंबर के दिन रं-री रीति-रिवाज के साथ पूजा-अर्चना के बाद मंदिर का कपाट बंद किया गया है। वर्तमान में प्रशासन द्वारा यात्रा जारी है।
ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि पांच नवंबर को मंदिर के कपाट बंद होने के बाद कुछ परिवार निचली घाटी को लौटना शुरू कर चुके हैं। कपाट बंद करते समय पाल सिंह, गिरीश सिंह, दीवान, पदम, रतन, जीतपाल, भूपाल, बासुदेव, प्रेम, अमित, संजू, निमेष, रघुवीर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि पांच नवंबर को 29 परमिट जारी किए गए। एक मई से पांच नवंबर तक कुल 70,991 परमिट जारी हो चुके हैं।