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Pithoragarh News: महाविद्यालय के प्राचार्य भी पढ़ा रहे परिसर में

Sat, 21 Oct 2023 12:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ परिसर के बनने के एक साल बाद भी जरूरत के हिसाब से प्राध्यापक नहीं मिल सके हैं। परिसर के प्राध्यापकों के साथ ही राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य समेत 60 से अधिक प्राध्यापक छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं।
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अगस्त 2020 में विरोध के बाद भी पिथौरागढ़ महाविद्यालय को परिसर बनाने की घोषणा हुई। इसका छात्रनेताओं ने विरोध किया। उनका कहना था कि परिसर को किसी अन्य स्थान पर बनाना चाहिए। परिसर बनने से महाविद्यालय का वजूद समाप्त हो जाएगा और सीट सीमित होने से अधिकतर छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाएगा। विरोध के बावजूद वर्ष 2021 से ही एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के मानकों के अनुसार पिथौरागढ़ परिसर का संचालन शुरू हुआ।
एसएसजे विवि ने मार्च 2023 तक महाविद्यालय के प्राध्यापकों से समायोजन आवेदन मांगे थे। महाविद्यालय में कार्यरत कुछ प्राध्यापकों ने बिना शर्त के कैंपस में नियुक्ति ली। इसके बाद भी समायोजन की तिथि करीब दो माह बढ़ी। अब परिसर के 36 और महाविद्यालय के 60 से अधिक प्राध्यापक छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। शिक्षण कार्य के साथ ही राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य समेत 60 से अधिक प्राध्यापक परीक्षा, छात्रसंघ चुनाव समेत अन्य कार्यों का निर्वाहन कर रहे हैं।
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दो कोट सचित्र

पिथौरागढ़ कैंपस की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है। उच्च शिक्षा मंत्री से कैंपस की समस्या सुलझाने की मांग की जाएगी। छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। - रघुवीर सिंह, जिला प्रवक्ता, भाजपा।

सरकार ने कैंपस बनाकर जिले की जनता के साथ खिलवाड़ किया है। कैंपस बनने के बाद से ही अव्यवस्थाओं से छात्र-छात्राएं परेशान हैं। कुमाऊं के अधिक छात्र संख्या वाले कॉलेज को कैंपस बनाकर बनी बनाई शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ा है। - अंजू लुंठी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस।
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