जीआईसी तेजम में टपकती छत के नीचे एक कोने में बैठकर पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर नहीं हो रही है। जीआईसी तेजम में खतरे के बीच पढ़ रहे 135 विद्यार्थी इसका प्रमाण हैं। बच्चे टपकती और जर्जर हो चुकी छत के नीचे पढ़ने के लिए मजबूर हैं। जर्जर छत के गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। जीआईसी तेजम का ढाई दशक पूर्व उच्चीकरण हुआ लेकिन आज तक इसका नया भवन नहीं बन सका। 1950 के दशक में बने जूनियर हाईस्कूल में इंटर कॉलेज का संचालन हो रहा है। भवन पुराना होने से यह जर्जर हो गया है। टिन क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी कक्षों में घुस रहा है। पानी टपकने से छत पर लगीं बल्लियां भी सड़ चुकी हैं और इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। हालात ये हैं कि बच्चे एक कोने में कुर्सी-मेज लगाकर पानी से बचने की कोशिश में जुटे हैं। जर्जर हो चुके भवन के गिरने का खतरा है। इससे अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अभिभावकों ने कहा कि कई बार स्कूल भवन के नवनिर्माण की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।