पिथौरागढ़। नगर के लिंक रोड पर लावारिस कुत्तों के हमले में स्कूटी सवार एक महिला बिजली के पोल से टकराकर घायल हो गई। महिला ने निजी अस्पताल में इलाज कराया। लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों के कारण लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
पिथौरागढ़ शहर में लावारिस कुत्ते लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। नगर की सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में लावारिस कुत्ते घूमते हैं जो राहगीरों के साथ ही दोपहिया वाहन सवारों पर झपटने के लिए दौड़ते हैं। सबसे अधिक खतरा लिंक रोड पर रहता है। अपटेक तिराहे के पास सुबह-शाम यह कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। इसके आसपास कई स्कूल और कोचिंग संस्थान भी हैं। बच्चों के लिए भी यह कुत्ते खतरा बने हैं।
मंगलवार सुबह स्कूटी से जा रही चिमस्यानौला निवासी महिला दीप्ति के पीछे कुत्तों का झुंड पड़ गया। इस दौरान उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर पोल से टकरा गई। इससे महिला के कंधे और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। महिला ने हेलमेट पहना था जिस कारण सिर पर चोट नहीं आई।
बचा मांस खाकर हो रहे हिंसक
पिथौरागढ़। नगर में लावारिस कुत्तों को मीट की दुकानों का बचा मांस खिलाया जाता है जिसे खाकर कुत्ते हिंसक होते जा रहे हैं। रई, सिल्थाम, तिलढुकरी, कुमौड़, जाखनी तिराहा, टकाना, लिंक रोड, नगरपालिका तिराहा, घंटाकरण, चिमस्यानौला, जीआईसी, चंद्रभागा, ऐंचोली आदि स्थानों पर कुत्ते झुंड में रहते हैं जो बच्चों, महिलाओं और दोपहिया वाहन सवारों पर हमला करते हैं। संवाद
कभी भी हो सकती है अप्रिय घटना
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में पिछले पांच साल में लावारिस कुत्तों के हमलों में एक मासूम बच्चे सहित तीन मौतें हो चुकी हैं। बावजूद इसके हमलावर हो रहे कुत्तों से बचाव को लेकर ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। संवाद
लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए इनका बधियाकरण किया गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बधियाकरण होने से कुत्तों की संख्या में कमी आएगी। मीट की दुकानों का बचा मांस और अनुपयोगी मांस कूड़ेदानों में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -राजदेव जायसी, ईओ नगरपालिका पिथौरागढ़।