धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के दस हजार फुट की ऊंचाई में बसे ग्राम दांतू में ह्या गबला ऐतिहासिक मेले के दूसरे दिन महिला-पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर ढोल-नगाड़ों के बीच छलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी ने रिबन काटकर मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने मेला स्थल के सुधारीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए एमबीएडीपी के तहत 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।
ह्या गबला देव परिसर में ग्राम बॉलिंग, फिलम, सोन, दुग्तू की महिला-पुरुषों ने समा बांध दिया। इससे पूर्व रविवार की रात बॉलिंग और फिलम के महिला मंगल दल के सदस्यों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। मेला कमेटी के अध्यक्ष जमन सिंह दताल ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बोन निवासी जय सिंह बोनाल ने अपने पुत्र स्व. निशांत उर्फ वंश सिंह बोनाल की स्मृति में 25 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की है।
यहां खेलकूद भी आयोजित हो रहे हैं। वॉलीबाल मैच का का उद्घाटन पूर्व शिक्षक प्रेम सिंह दताल ने रिबन काटकर और खिलाड़ियों का परिचय के बाद किया। इस दौरान आयोजित वालीबॉल प्रतियोगिता में ग्राम गो, बोन और तीजम के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर बीजेपी मंडल अध्यक्ष हरीश धामी, प्रधान गो मुकेश ग्वाल, पूर्व शिक्षक सुंदर सिंह दुग्ताल, कल्याण सिंह सौनाल, नंदराम फिरमाल, अरविंद बोनाल, दिनेश चलाल, जयेंद्र, शेखर दताल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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व्यास घाटी के गांवों में पूजा शुरू
धारचूला। चीन और नेपाल सीमा से जुड़े व्यास घाटी के सातों गांव में पूजा-पाठ शुरू हो चुकी है। इसके चलते निचली घाटी के लोग अपने- अपने गांव पहुंचने लगे हैं। कुटी के लामा गोपाल सिंह कुटियाल ने बताया कि व्यास घाटी में इन दिनों ईष्टदेव, व्यक्तिगत पूजा, बडानी पर्व आदि होने से लोगों की चहलपहल काफी है। व्यास ऋषि मेला कमेटी के अध्यक्ष मदन सिंह नबियाल ने बताया कि 29 और 30 अगस्त को दो दिवसीय व्यास ऋषि मेला भव्य रूप से मनाया जाएगा। मेले में कुटी, रोकांग, नाबी, नपलच्यू और गुंजी के ग्रामीण विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। संवाद