पिथौरागढ़। मूनाकोट के बड़ालू गांव की तुलसी देवी ने अपने कौशल से सालाना 3.60 की आय अर्जित कर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखा रही है। सिलाई को उन्होंने अपने स्वरोजगार का जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाया है। वह लाटा कटारमल स्वयं सहायता समूह और जय मां भगवती सीएलएफ की सदस्य हैं। उन्होंने घर पर ही सिलाई का काम शुरू किया। ग्राहकों को उनका कौशल पसंद आया तो उनका व्यवसाय चल पड़ा। व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने ग्रामोत्थान परियोजना से 75 हजार रुपये और बैंक से 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया। तुलसी ने 75 हजार रुपये स्वयं वहन कर सिलाई सेंटर स्थापित किया। इस व्यवसाय से वह 20 से 30 हजार रुपये महीना कमा रही हैं। सीडीओ डॉ.दीपक सैनी ने कहा कि महिलाएं सिर्फ घरों के कार्य तक सीमित नहीं है। वह स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन आजीविका चला रही है। ग्रामोत्थान महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए गंभीर है।