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परमिट नहीं मिलने से आधे रास्ते में फंसे भेड़, बकरी और मवेशी पालक

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अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़। इनर लाइन परमिट नहीं मिलने से सैकड़ों भेड़, बकरी व मवेशी आधे रास्ते में फंसे हुए हैं। इससे भेड़पालक परेशान हैं। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि प्रशासन नहीं माना तो इस मांग के लिए घरों में ही धरना दिया जाएगा। मुनस्यारी व धारचूला के सैकड़ों भेड़पालक अपनी भेड़ों को तराई क्षेत्र से सीमांत के चारागाहों में ला चुके हैं। यह भेड़पालक दशकों से जाड़ों में तराई भावर और गर्मियों में उच्च हिमालयी क्षेत्र में चराने के लिए भेड़ों के साथ जाते हैं। तराई से लौटे इन भेड़ बकरी व पालतू मवेशियों को इनर लाइन की सीमा से ऊपर के क्षेत्र में चुगान के लिए जाना है। हर साल आसानी से इन्हें चुगान के लिए इनर लाइन परमिट मिल जाता था। इस बार लाकडाउन के कारण अभी तक अनुमति नहीं मिली है। मर्तोलिया का कहना है कि लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में भेड़ बकरी के लिए चारा उपल्बध नहीं हो सकता है। इससे हजारों बकरियों और अन्य मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन अनुमति नहीं देता है तो शनिवार को घर-घर में धरना प्रदर्शन होगा। उन्होंने कुमांऊ कमिश्नर अरविंद सिंह ह्यांकी को भी ज्ञापन भेजकर परमिट के इंतजार में तमाम परेशानियां झेल रहे भेड़पालकों की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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