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Pithoragarh News: अदम्य साहस और वीरता के लिए मेजर प्रकाश को सेना मेडल

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मेजर प्रकाश भट्ट। - फोटो : PITHORAGARH
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मूनाकोट/पिथौरागढ़। मूनाकोट ब्लॉक के बेलतड़ी (धारी) गांव के युवा सैन्य अधिकारी मेजर प्रकाश भट्ट को अदम्य साहस और वीरता के लिए सेना मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। गणतंत्र दिवस 2023 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने यह घोषणा की।
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युवा सैन्य अधिकारी मेजर भट्ट ने पिथौरागढ़ के जनरल बीसी जोशी पब्लिक स्कूल से 10वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद इंटर की पढ़ाई जेपीएस पब्लिक स्कूल रुद्रपुर से की। वर्तमान में इनका परिवार जाखनी पिथौरागढ़ में रहता है। वहीं राष्ट्रपति की इस घोषणा पर उनके गांव में खुशी की लहर है।
कमीशन प्राप्त कर बने अधिकारी
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद सिपाही के तौर पर सेना में भर्ती हुए मेजर प्रकाश ने हार नहीं मानी। 2005 में सेना में 21 साल की उम्र में आर्मी मेडिकल कोर में भर्ती हुए। वर्ष 2010 में कमीशन प्राप्त किया। इसके बाद 2011 से 2014 तक देहरादून में प्रशिक्षण किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद राष्ट्रीय राइफल में सैन्य अधिकारी बने। संवाद
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दादा और पिता से मिली प्रेरणा
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। दादा स्व. बिशन दत्त भट्ट और पिता स्व. सूबेदार मेजर कैप्टन त्रिलोक भट्ट से सेना में जाने की प्रेरणा मिली। हालांकि उन्हें बचपन से ही सेना में जाने का शौक था लेकिन दादा एवं पिता को वर्दी में देखकर देश सेवा के लिए उन्हें और अधिक प्रेरणा मिली। उनके पिता ने 1971 की लड़ाई में दुश्मनों से मुकाबला किया था। दादा ब्रिटिश आर्मी, आजाद हिंद फौज में सेवाएं दे चुके थे। माता कलावती देवी भी बेटे को लगातार प्रोत्साहित करती रहीं। संवाद
दो नामी आतंकियों को मार गिराया
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। सेना को सात जून 2022 में कुपवाड़ा में पाकिस्तानी आतंकियों के छुपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद सुबह 4.30 बजे 47वीं राष्ट्रीय राइफल कंपनी के मेजर प्रकाश अपनी टुकड़ी के साथ आतंकवादियों से लोहा लेने पहुंच गए। दोनों से तरफ से लगातार फायरिंग होती रही। मेजर प्रकाश के नेतृत्व में सैन्य टुकड़ी भी आतंकियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करती रही। करीब 9.30 बजे जाकर मुठभेड़ में दो नामी आतंकी मारे गए। मेजर प्रकाश ने सूझबूझ के साथ इस ऑपरेशन को लीड किया। अपने जवानों की रक्षा करते हुए उन्होंने आतंकियों का सफाया किया था। संवाद
सेना मेडल में मिलने वाली राशि
पिथौरागढ़। उत्तराखंड सरकार सेना मेडल प्राप्त वीर जांबाज सैनिकों को पुरस्कार के तौर पर एकमुश्त 15 लाख, हर वर्ष 50 हजार और भारत सरकार से भी लगभग इतनी ही राशि वीर जवानों को दी जाती है। मेजर प्रकाश भट्ट की इस उपलब्धि पर एपीएस स्कूल प्रबंधन में खुशी की लहर है। संवाद
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