पिथौरागढ़। हिमालय के नजदीक बसे सीमांत जिले में सूख रहे 195 जल स्रोतों को सारा परियोजना के तहत नया जीवन मिलेगा। प्राथमिकता के आधार पर इन जल स्रोतों का ट्रीटमेंट होगा यह बात कही डीएम विनोद गोस्वामी ने। उन्होंने गंगा संरक्षण समिति और सारा परियोजना की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नदियों के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाने के अधिकारियों को निर्देश दिए। डीएम विनोद गोस्वामी ने कहा कि सीमांत जिले में 330 जल स्रोत ऐसे हैं जिनका जलस्तर बेहद कम हो गया है या ये सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। शासन से इन जल स्रोतों की सूची उपलब्ध हुई है। कहा 195 जल स्रोतों का चयन उपचार के लिए किया गया है। सामूहिक प्रयास से सारा परियोजना के तहत इन जल स्रोतों का वास्तविक प्रवाह लौटाया जाएगा। कहा मैसर और थामरी कुंड को पुनर्जीवित करने के साथ ही बिर्थी झरने को रिचार्ज करने की योजना तैयार होगी। उन्होंने नदियों के किनारे बने श्मशान घाटों पर हर सप्ताह सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में कई अधिकारी शामिल नहीं हुए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। बैठक में डीएफओ आशुतोष सिंह, एसडीएम सदर वैभव कांडपाल, एसई जल निगम रंजीत धर्मसक्तू, डीपीओ नमामि गंगे ज्योत्सना जोशी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। संवाद