पिथौरागढ़ वर्कशॉप में खड़ी रोडवेज की बसें। संवाद
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ रोडवेज की बसें पहाड़ में कई बार हांफ रहीं हैं जबकि सभी बसों का इंजन, टायर आदि पुर्जे जांचे जाते हैं। इनके बावजूद बसों में सवार होकर जाने वाले यात्रियों को रास्ते में ही बसों के खराब होने से दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
पिथौरागढ़ रोडवेज डिपो के पास वर्तमान समय में 62 बसों का बेड़ा है। इनमें से कई बसें पहाड़ में चलने के मानक पूरे करने की कगार पर हैं। जिन्हें पहाड़ के बाद मैदानी क्षेत्रों में दौड़ाया जाएगा। 62 बसों का रूटीन में संचालन होता है। सभी बसों की जांच नियमित जांच भी की जाती है।
इसके बावजूद कभी बस का टायर पंक्चर हो जाता है तो कभी गियर बॉक्स स्लिप होने के कारण गियर लगना मुश्किल हो जाता है। कभी ब्रेक फेल जैसे समस्या इन बसों में अक्सर देखने को मिलती है। तकनीकी खामियों के कारण बसों को कई बार रास्ते में ही खड़ा कर जिला मुख्यालय से दूसरी बस भेजनी पड़ती है। कई बार यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य तक भेजना पड़ता है।
रोडवेज के एआरएम रविशेखर कापड़ी ने बताया कि बसों की नियमित जांच होती है। उसके बाद बसों को गंतव्य तक भेजा जाता है। तकनीकी दिक्कत के कारण कई बार बस रास्ते में खराब हो जाती है लेकिन दूसरी बस भेजकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया जाता है।