पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा को जोड़ने वाली व्यास और दारमा घाटी की सड़कें आठवें दिन सोमवार को यातायात के लिए खुल गई हैं। इससे सीमांत के लोगों ने राहत की सांस ली है। जिले में ग्रामीण क्षेत्र की आठ सड़कें अभी भी बंद हैं।
धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख सड़क मलबा आने से कई स्थानों पर बंद हो गई थी। सड़क चौड़ीकरण का कार्य चलने के कारण तेज बारिश में बोल्डर और मलबा गिर रहा था। इसके चलते दोबाट, मलघाट सहित पांच स्थानों पर सड़क बंद हो हो रही थी। सड़क बंद होने से व्यास और दारमा घाटी का संपर्क बंद था। इससे घाटियों के लोगों के साथ ही सीमा पर अग्रिम चौकियों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को भी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही थी।
दो दिन तक मौसम में कुछ सुधार होने पर सड़क पर आए मलबे को हटा दिया गया है। इसके बाद धारचूला से वाहन व्यास घाटी के गुंजी और दारमा घाटी के गांवों के लिए रवाना हुए। सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही गर्ग एंड गर्ग कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय टम्टा ने बताया कि मार्ग में जमा बोल्डर हटाने के बाद यातायात सुचारु कर दिया गया है।
इधर मलबा आने से बंद कालिका-बजानी, डीडीहाट-आदिचौरा सहित आठ ग्रामीण सड़कें अभी यातायात के लिए नहीं खुल सकी हैं। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहन संचालन ठप होने से ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों में जरूरी सामान का अभाव होने लगा है। लोग पैदल आवागमन करने के साथ ही जरूरी सामान भी स्वयं ढोने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
14 दिन बाद भी नहीं हटा बाटनागाड़ से मलबा
चार जुलाई से बंद है पूर्णागिरि सड़क पर वाहनों की आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्णागिरि धाम/चंपावत। टनकपुर-पूर्णागिरि सड़क 14 दिन बाद भी नहीं खुल सकी। बाटनागाड़ में मलबा आने से चार जुलाई से यह मार्ग बंद है। इस वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। तीन पोकलेन मशीन लगने के बाद भी मलबे को नहीं हटाया जा सका है। मलबे को जल्द से जल्द हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मलबे को जल्द हटाने के लिए सभी कवायद की जा रही है। बाटनागाड़ क्षेत्र के 375 मीटर हिस्से पर आए भारी मलबे में से अभी 30 मीटर मलबा और साफ किया जाना है।
इनसेट
आज भेजी जाएगी सर्वे रिपोर्ट
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। टनकपुर-ठुलीगाड़ सड़क पर चुनौती बने बाटनागाड़ क्षेत्र के मलबे के निस्तारण के लिए गठित समिति मंगलवार को डीएम को रिपोर्ट भेजेगी। टनकपुर के एसडीएम सुंदर सिंह के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय दल ने बाटनागाड़ क्षेत्र का निरीक्षण कर मलबे के निस्तारण के तरीकों पर मंथन किया। संवाद
इनसेट
चंपावत जिले की बंद सड़कें
टनकपुर ककरालीगेट-ठुलीगाड़ और धौन-सल्ली सड़क।
जिले की बारिश का आंकड़ा मिमी में
बनबसा: 04
चंपावत: 1.50
पाटी: 01
आपदा प्रभावितों को मिलना चाहिए एक समान मुआवजा : धामी
सरकारें विधानसभा में जवाब कुछ और देती हैं धरातल में कुछ और होता है
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। धारचूला विधायक हरीश धामी ने कहा कि सरकार विधानसभा में जवाब कुछ और देती है और धरातल पर कुछ और ही होता है। पूरे राज्य में आपदा प्रभावितों को एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। धारचूला और जोशीमठ के लोगों को सरकार ने कम मुआवजा दिया है।
सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक धामी ने कहा कि धारचूला स्टेडियम में 40-45 आपदा प्रभावित परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। उनके विस्थापन के लिए सरकार प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों आई आपदा के बाद तीन आपदा प्रभावित परिवारों को शिफ्ट किया गया है।
विधायक ने बताया कि खोतिला में तटबंध निर्माण के लिए चार से पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग ने ठेकेदार का स्वार्थ सिद्ध करने के लिए उस रुपये को घटखोला में लगा दिया। अगर इस धन से खोतिला में तटबंध का निर्माण हुआ रहता तो इस बार जो तीन घर बहे हैं वह बच जाते। सीएम पुनर्वास के लिए रुपये देना चाहते हैं लेकिन कुछ लोग सोशल मीडिया पर दिखावा कर रहे हैं। वह अपनी सरकार के पास जाएं और पुनर्वास की मांग करें हम भी उनके साथ चलेंगे।