पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क तीसरे दिन खुलने से यात्री और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सड़क खुलने से दोनों ओर फंसे 200 से अधिक यात्री अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
धारचूला से करीब 40 किमी दूर गर्बाधार के पास शनिवार की शाम को चट्टान दरक गई थी। इससे बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया। गर्ग एंड गर्ग कंपनी के कर्मचारी सड़क से बोल्डर और मलबा हटाने में जुटे रहे। आखिर तीसरे दिन सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे सड़क खोलने में कामयाबी मिली।
सड़क खुलने की उम्मीद में सोमवार को सुबह से ही यात्रियों का गर्बाधार के आरपार जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। केएमवीएन के यात्राधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि आदि कैलाश के दो यात्री सड़क खुलने के बाद गुंजी के लिए रवाना हो गए हैं। इसके साथ ही निजी टूर ऑपरेटर के भी 90 से अधिक यात्री उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए रवाना हुए। गुंजी में वापसी में फंसे सौ से अधिक यात्री भी धारचूला पहुंच गए हैं।