धारचूला के गर्बाधार में चट्टान दरकने से बंद हुई सड़क। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख और कुटी-ज्योलिकांग सड़क पिछले तीन दिन से बंद होने से व्यास घाटी में प्रवास को जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों व्यास घाटी के सात गांवों के सैकड़ों लोग प्रवास पर अपने मूल गांवों की ओर जाते हैं।
गर्बाधार के पास भारी विस्फोट से चट्टान दरक जाने से ग्रामीणों को प्रवास पर जाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कुटी गांव जाने वाले कुंवर सिंह कुटियाल का परिवार सड़क खुलने का इंतजार कर रहा है। यदि गर्बाधार में सड़क इसी तरह बंद होती रही तो ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बूंदी निवासी सुभाष सिंह बुदियाल ने बताया कि गर्बाधार में पैदल चलने लायक रास्ता खुल गया है। उम्मीद है कि सोमवार दोपहर तक सड़क खुल जाएगी।
यात्रा के समय नहीं की जाए भारी ब्लास्टिंग
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमा की सड़क बंद होने से चंडीगढ़ से आए प्राइवेट आदि कैलाश यात्री केएमवीएन के अतिथि गृह में रुके हैं। यात्री डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि उनके साथ सात डॉक्टर की टीम आदि कैलाश, पार्वती कुंड और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आए हैं। पिछले तीन दिन से गर्बाधार और उच्च हिमालयी क्षेत्र में सड़क बंद होने से वह धारचूला में ही फंसे हैं। उन्होंने प्रशासन से यात्रा के समय सड़क चौड़ीकरण के लिए भारी विस्फोट न करने की मांग की है।