मुनस्यारी के सुरिंगगाड़ में जल स्तर बढ़ने के बाद इस तरह आवाजाही कर रहे हैं स्कूली बच्चे। संवाद
सीमांत जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। भारी बारिश से नदियां और गाड़ गधेरे उफान पर हैं। मुनस्यारी के सुरिंगगाड़ में जल स्तर बढ़ने के बाद लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। मलबा और बोल्डर आने से चीन सीमा को जोड़ने वाली पिथौरागढ़-तवाघाट-लिपुलेख सहित 12 सड़कों पर यातायात ठप रहा।
शुक्रवार सुबह तक धूप निकली। नौ बजे से जिला मुख्यालय सहित विभिन्न हिस्सों में बारिश का क्रम शुरू हुआ। दिन में एक बजे तक बारिश हुई। बारिश से नगर के कई हिस्सों में जलभराव से लोगों को दिक्कत हो रही है। रई पुल, पंडा पुल, जाजरदेवल पुल के पास जल भराव से लोग परेशान हैं।
पंडा-नैनीसैनी हवाई अड्डे की ओर जाने वाली सड़क पर कई जगह गड्ढे होने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। टनकपुर तिराहे के पास भी जल भराव होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। नगर में कई स्थानों पर नालियों के बंद होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
शुक्रवार की सुबह पिथौरागढ़-धारचूला मोटर मार्ग नया बस्ती के समीप बंद हो गया। पहाड़ी से विशाल बोल्डर और मलबा गिरने से दोनों ओर वाहन फंसे रहे। इस दौरान यात्रियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लंबी दूरी पर जाने वाले यात्रियों को वाहन बदलकर गंतव्य तक जाना पड़ा। नया बस्ती में दोपहर बाद सड़क खुलने पर लोगों ने राहत महसूस की। चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख सड़क भी दोबाट के पास बंद हो गई।
इसके चलते व्यास, दारमा और चौदास घाटी के लिए आवाजाही करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अपराह्न चार बजे सड़क खुलने पर लोगों को राहत मिली। भारी बारिश से जिले भर में 12 सड़कें बंद हैं। सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। उन्हें गांव तक रोजमर्रा का सामान पहुंचाने में दिक्कतें हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बंद सड़कों को खोलने की मांग की है।
बंद रहे विद्यालय
मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी को देखते हुए डीएम रीना जोशी ने स्कूल बंद करने के निर्देश दिए थे। पहली से 12वीं तक के विद्यालयों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खराब मौसम में बदहाल रास्तों और नदी नाले पार कर स्कूल पहुंचने का जोखिम नहीं उठाना पड़ा।
स्कूली बच्चे, ग्रामीण जान हथेली पर रखकर कर रहे आवाजाही
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। लगातार हो रही बारिश से मुनस्यारी के सुरिंगगाड़ का जल स्तर बढ़ गया है। इसके चलते लोग जान हथेली में रखकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। दो वर्ष पूर्व यहां पर बना लकड़ी का पुल ध्वस्त हो गया था। पुल को ठीक नहीं किया गया है। स्कूली बच्चे सीढ़ी चढ़कर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामान भी इसी जोखिम भरे मार्ग से गांव तक पहुंचाना पड़ता है। ग्राम प्रधान दुम्मर पंकज बृजवाल का कहना है कि पिछले दो वर्षों में लोनिवि ने पुल ठीक नहीं किया। लोनिवि के जेई नवल बिष्ट का कहना है कि पुल को ठीक करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था।
चीन सीमा को जाने वाला पैदल मार्ग बुगड़ियार में 25 जून से बंद है। बीआरओ के मजदूर मार्ग खोलने में जुटे हैं। बीआरओ के जेई मनीष भारती का कहना है कि मौसम खराब होने के कारण मार्ग खोलने में दिक्कत आ रही है। मौसम ठीक होने पर मार्ग खोल लिया जाएगा। पैदल मार्ग लोनिवि के पास है जिस पर बीआरओ के मोटर मार्ग का मलबा, बोल्डर गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो रहा है। लोनिवि का कोई भी कर्मी, मजदूर बुगड़ियार में बाधित मार्ग पर उपलब्ध नहीं है। संवाद
ग्रामीणों पर लगाया अभद्रता का आरोप
धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला-तवाघाट सड़क में दोबाट के पास सड़क बंद होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। हिलवेज कंपनी ने ग्रामीणों पर जेसीबी ऑपरेटर के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया है। हिलवेज कंपनी के पीआरओ त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि मामले की सूचना कोतवाली धारचूला को दी गई है।
पिथौरागढ़ जिले की बंद सड़कें
छिरकिला- जम्कू, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, खेला-गर्गुवा, मंसूरीकाठा- होकरा, डीडीहाट-आदिचौरा, देवीसूना-खेतार कन्याल, सानदेव- तुर्गोली, नाचनी बांसबगड़- राया बजेता, थल- मुनस्यारी- खतेड़ा, देवलथल- उड़ई, तवाघाट- घट्टाबगड़, पिथौरागढ़- तवाघाट।
पिथौरागढ़ जिले में हुई बारिश का विवरण
स्थान - बारिश मिली मीटर में
धारचूला- 29.7
मुनस्यारी-10.2
गंगोलीहाट-8.00
पिथौरागढ़-7.4
बेड़ीनाग-7.00
डीडीहाट- 0.5
पिथौरागढ़ की नदियों का जल स्तर
नदी- जल स्तर - खतरे का निशान
काली नदी- 888.90 - 890.00
सरयू नदी- 446.40 - 453.00
गोरी नदी जौलजीबी-604.00 - 607.80
गोरी नदी मदकोट-1211.90 - 1215.10
उफनाती गोरी नदी में जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे टांगा के ग्रामीण
आपदा प्रभावित टांगा के ग्रामीण मानसून काल में उफनाती सेराघटिया (गोरी नदी ) खटारा हो चुकी गरारी के सहारे पार करने के लिए मजबूर हैं। यहां पर छह साल पूर्व पैदल पुल बह गया था। तब से पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीण और स्कूली बच्चे किसी तरह ट्रॉली पार कर रहे हैं। यह गरारी भी बीच में ही अटक जा रही है। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई कर्मी भी तैनात नहीं है। गर्भवती और अन्य महिलाएं बच्चों को टीकाकरण के लिए ट्रॉली पार करके सेरा पहुंच रहीं हैं। इसके बाद भी उनका दर्द किसी को नहीं दिख रहा है।
बच्चों के टीकाकरण में हो रही है दिक्कत
गांव के पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को हर माह टीका लगता है। टीकाकरण के लिए एएनएम आठ-नौ किमी दूर सेरा जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण महिलाएं टीकाकरण के लिए बच्चों को गरारी से जान हथेली पर रख कर लाती ले जाती हैं। ग्रामीणों ने शासन- प्रशासन से पुल निर्माण और चिकित्सा सुविधा गांव में ही देने की मांग की है। संवाद
गरारी से आवाजाही के दौरान ग्रामीणों को दिक्कतें ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। लोनिवि से पुल निर्माण को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है इसकी जानकारी ली जाएगी। - एके सिंह, तहसीलदार बंगापानी।
युवाओं ने धौली नदी से निकाली ट्राॅली
चल गांव के ग्रामीणों का अन्य क्षेत्र से संपर्क कटा
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के चल गांव की धौली नदी में बह गई ट्राॅली को युवाओं ने मलबे से निकाल लिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस ट्राॅली को शीघ्र सुधारने की मांग की है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से धौली, गोरी और काली नदियों के साथ ही स्थानीय छोटे गधेरों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रहीं हैं।
भारी बारिश से ट्रॉली बहने की सूचना उपप्रधान दिनेश चलाल ने तहसील प्रशासन को दी। यहां चल गांव में 50 परिवार फंसे हैं। इधर, एसडीएम दिवेश शाशनी के निर्देश पर लोनिवि के एई ओपी गोस्वामी, जेई अंकित सिंह, उपप्रधान दिनेश चलाल की टीम निरीक्षण करने चल गांव के लिए रवाना हुए लेकिन दोबाट में सड़क बंद होने के कारण छह घंटे के बाद धारचूला लौट गए।
बादल फटने की फैलाई गई थी अफवाह
एसडीएम दिवेश शासनी ने बताया कि मुख्यालय में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ तैनात है। जरूरत पड़ी तो टीम को चल गांव के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि बादल फटने की अफवाह फैलाई गई थी। प्रधान चल सरस्वती देवी ने प्रशासन से शीघ्र ट्रॉली बनाने के साथ ही हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने की मांग की है। ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी ने ग्राम चल की घटना की सूचना मुख्यमंत्री को दे दी है। संवाद
बीमार महिला को एसएसबी जवानों ने पहुंचाया अस्पताल
धारचूला के एलागाड़-दोबाट में सड़क बंद होने के दौरान बृहस्पतिवार शाम धनराज की पत्नी ललिता (25) की तबियत अचानक खराब हो गई। वहां से हेडक्वार्टर जा रहे एसएसबी के जवान सत्यवीर कुमार, अंकित राणा, देवेंद्र ने ललिता को धारचूला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि यूरिन बंद होने से उसकी तबियत खराब हुई। महिला की स्थिति अब ठीक है।
बारिश ने बढ़ाई गोल्फा के लोगों की मुश्किल
ग्राम सभा गोल्फा के ग्रामीण लगातार हो रही बारिश से परेशान हैं। क्षेत्र के लिए बनाई गई सड़क की सुरक्षा दीवार ढहने लगी है। सड़क में कई जगह मलबा गिरने से लोगों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। पुल न होने के कारण लोग ट्रॉली से सामान घरों तक पहुंचा रहे हैं। स्थानीय भुप्पी ने बताया कि गांव में आजकल आलू और राजमा का उत्पादन हुआ है लेकिन सड़क बंद होने के कारण उत्पाद को बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सड़क खोलने की मांग की है। संवाद
सड़क खोलने के लिए जेसीबी नहीं आने से महिलाओं में गुस्सा
देवलथल तहसील के खोला गांव की महिलाओं ने उड़ई-खोला सड़क को खोलने के लिए जेसीबी नहीं भेजने पर लोनिवि और जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र सड़क नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार, शांति देवी, रेखा देवी, जानकी देवी, तुलसी देवी, भावना देवी, कमला देवी, लीला देवी, शकुंतला देवी,पुष्पा देवी उमा देवी, सावित्री देवी सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।
टनकपुर (चंपावत): बाटनागाड़ में दो दिन और मार्ग खुलने के आसार नहीं, बारिश बन रही बाधक
बाटनागाड़ में मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग चार दिन से बंद है। मलबा हटाकर मार्ग खोलने की प्रक्रिया में बारिश बाधक बन रही है। शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से मलबा हटाने का काम बाधित हो गया और नाले के उफान से सड़क के खोले गए हिस्से में दोबारा मलबा अटक गया है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के निर्देश पर एसडीएम सुंदर सिंह, तहसीलदार पिंकी आर्या, शारदा रेंज के रेंजर महेश सिंह बिष्ट ने शुक्रवार को बाटनागाड़ का निरीक्षण कर कार्यदायी विभाग से मार्ग खोलने के कार्य में तेजी लाने के लिए कहा।
डीएम ने अधिकारियों को पूर्णागिरि धाम मार्ग के साथ ही जिले में बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए लोनिवि और सिंचाई विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एसडीएम ने करीब दो घंटे तक मौके पर खड़े रहकर मलबा हटवाने के कार्य की निगरानी की। लोनिवि की जेई तनुजा देव ने बताया कि बारिश के कारण मार्ग खोलने में बाधा आ रही है। मार्ग खोलने के लिए दो पोकलेन और दो जेसीबी के साथ ही पांच डंपर लगाए गए हैं।
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पूर्णागिरि में हो सकता है दैनिक जरूरत के सामान का संकट
बाटनागाड़ में मार्ग जल्द नहीं खुला तो पूर्णागिरि धाम और चूका क्षेत्र में दैनिक जरूरत के सामान का संकट पैदा होने लगेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी और पूर्व अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय आदि लोगों का कहना है कि मार्ग बंद होने से पूर्णागिरि धाम और चूका क्षेत्र का टनकपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस परेशानी से बचाने के लिए उन्होंने प्रशासन से मार्ग जल्द खुलवाने की मांग की है। संवाद
बृजनगर में घरों और दुकानों में घुस रहा है बारिश का पानी
चंपावत। बृजनगर सुखीढांग बाजार में एनएच की ओर से बरसाती पानी के निकास के लिए बनी नालियों के ऊपर स्लैब डालकर पूरी तरह ढंक देने से ऊपरी पहाड़ी का पानी सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पर आकर ग्रामीणों के आवासीय घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में घुस रहा है। घरों की दीवारों का प्लास्टर और फर्श टूट कर क्षतिग्रस्त हो गया है। तीन वर्षों से ग्रामीण पानी की निकासी और लीकेज नाली को ठीक करने की मांग कर रहे हैं, मगर एनएच कोई सुध नहीं ले रहा है। पार्वती देवी, शंकर जोशी, राधा बल्लभ, किशोर चंद्र, हीरा बल्लभ, ईश्वर दत्त जोशी, सुनील दत्त, कैलाश चंद्र जोशी, गोविंद जोशी आदि ने शीघ्र कार्यवाही न होने पर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
ककरालीगेट-ठूलीगाढ-भैरव मंदिर, चल्थी-नौलापानी, लड़ाबोरा-क्वारसिंग, जैगांव-जैतोली, खटोली-मल्ली वैला, धौन-सल्ली, सिप्टी-अमकडिय़ा, धौन-बडोली, रीठाखाल-कानाकोट, चिल्रिया-पुनौली, बाराकोट-कोठेरा, सिमलखेत-सिब्यूली।
पूर्णागिरि मार्ग में बाटनागाड़ में मलबा आने का सिलसिला जारी
मानसून काल के दौरान जिले में हो रही मूसलाधार वर्षा से अलग अलग स्थानों में सड़क बाधित और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। भारी बारिश के कारण शुक्रवार को एक राज्यमार्ग सहित 13 आंतरिक मोटर मार्ग मलबा आने के कारण अवरूद्ध रहे। टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्वांला और अमोड़ी के समीप आए मलबे के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजमार्ग में दिन भर यातायात सुचारु रहा। उधर, पूर्णागिरि मार्ग के बटनागाड़ बंद मार्ग को खोले जाने के लिए डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर बाधित सड़क मार्गो को खोला जाए। उन्होंने बाटनागड़ में बंद सड़क मार्ग को शीघ्र खोले जाने के लिए लोनिवि को निर्देश दिए हैं, ताकि पूर्णागिरि आने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। एसडीएम टनकपुर सुंदर सिंह, तहसीलदार पिंकी आर्य ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ स्वयं मौके पर जाकर बाटनागाड़ में बंद मोटर मार्ग को खोले के कार्य का निरीक्षण किया। लोनिवि की कनिष्ठ अभियंता तनुजा देव ने बताया कि क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से बाटनागाड़ में बोल्डर और मलबा सड़क में आ रहा है, जिसे खोले जाने के लिए दो पोकलैंड, दो जेसीबी तथा पांच डंपर लगाए गए हैं।
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत-29 मिमी
लोहाघाट-08 मिमी
पाटी-37 मिमी
बनबसा-04 मिमी