नामिक गांव के लिए राशन ले जाते महोत्सव समिति के सदस्य।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिथौरागढ़। मुनस्यारी महोत्सव की टीम ने पिथौरागढ़ जिले के अंतिम गांव नामिक पहुंचकर 114 परिवारों को मुफ्त राशन दिया। टीम के सदस्यों ने यह राशन घोड़ों के जरिये गांव तक पहुंचाया। बागेश्वर जिले की सीमा पर बसा नामिक गांव पिथौरागढ़ जिले का अंतिम गांव है। गांव के लिए अभी सड़क नहीं बनी है। ग्रामीणों को 35 किमी की खड़ी चढ़ाई पारकर गांव तक पहुंचना पड़ता है। कोरोना महामारी के कारण इस गांव के लोग भी संकट में थे। इसको देखते हुए मुनस्यारी महोत्सव समिति की टीम ने घोड़ों की पीठ पर 114 परिवारों के लिए राशन गांव तक पहुंचाने के बाद वितरित किया। नामिक जाने वाली टीम में समिति के अध्यक्ष राज पांगती, रवि बृजलाल, भुवन धर्मशक्तू, गगन बृजवाल, हरीश चिराल आदि लोग शामिल रहे। ग्राम प्रधान तुलसी देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने महोत्सव समिति के प्रयासों की सराहना की। यह समिति सीमांत मुनस्यारी तहसील के गोरीपार क्षेत्र में भी राशन बांट चुकी है। समिति ने जिन क्षेत्रों में सड़कों की हालत बदतर थी वहां जेसीबी में रखकर और जिन गांवों को जोड़ने के लिए पुल नहीं हैं उन गांवों तक ट्राली से राशन पहुंचाया।