धारचूला (पिथौरागढ़)। रं कल्याण संस्था एवं नंदन न्यास की ओर से रं म्यूजियम में रं भाषा और अपनी संस्कृति के संरक्षण को लेकर रं भाषा दिवस मनाया गया। इस दौरान रं लिपि के शीघ्र अस्तित्व में आने की जानकारी दी गई।
संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष करन सिंह गर्ब्याल, विशिष्ट अतिथि भास्कर लाला, नेपाल दार्चुला के पूर्व विधायक गेलबू बोहरा, पूर्व चेयरमैन अशोक नबियाल, ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी, अनवाल समुदाय अध्यक्ष गुमान बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, सुंदर बोनाल और अमृता ह्यांकी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि करन सिंह ने कहा कि रं भाषा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य अपनी संस्कृति और भाषा को बचाना है। नंदन न्यास के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने बताया कि रं लिपि का कार्य अंतिम चरण में है। शीघ्र ही अपनी रं लिपि अस्तित्व में आ जाएगी।
शुरुआत में रं भाषा को बचाने को लेकर 42 साल पहले रं लिपि बनाने वाले दानवीर स्व. नंद राम लाला की स्मृति पर एक मिनट का मौन रखा गया। नेपाल से आए व्यासी शौका समाज के अध्यक्ष पूरन बुढ़ाथोकी के नेतृत्व में छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। दारमा, चौदास और व्यास घाटी के ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़े के साथ गांधी चौक से म्यूजियम तक झांकी निकाली। इसके बाद दारमा दीलिंग सेवा समिति, व्यासी शौका समाज, व्यास और चौदास घाटी के लोगों ने गीतों से अपनी भाषा और संस्कृति को बचाने की अपील की।
कार्यक्रम में पांच साल के कुबेर रौतेला और प्रजोत बुदियाल ने रं भाषा में प्रस्तुति दी। दारमा की प्रसिद्ध गायिका रोशनी बोनाल ने उच्च हिमालयी गांवों में माइग्रेशन जाते समय पूर्वजों की परेशानियों को गीतों के माध्यम से पेश किया। धारचूला इकाई के अध्यक्ष दीपक रोंकली ने सभी का आभार जताया। संचालन कविता बुढाथोकी और करन थापा ने किया। इस दौरान यूथ फोरम अध्यक्ष हरीश कुटियाल, यूथ महिला फोरम अध्यक्ष निहारिका गर्ब्याल, दारमा दीलिंग सेवा समिति के सदस्य पूरन रौतेला, राम सिंह ह्यांकी, भागेश्वरी गर्ब्याल, रितेश गर्ब्याल, धीरा ग्वाल, भगत ग्वाल आदि मौजूद रहे।