धारचूला (पिथौरागढ़)। पं ज्यूंखु सांस्कृतिक समिति की बैठक कहा गया कि समिति ने पारंपरिक मूल्यों को संरक्षण और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को रोकने का काम किया है। बताया किया कि अप्रैल के महा अधिवेशन में अन्य नियमों में सुधार और संशोधन किया जा सकता है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति अध्यक्ष महीराज गर्ब्याल ने समिति के बनाए नियम शादी विवाह में पूर्ण रूप से पालन होने पर बधाई दी। महासचिव त्रिलोक सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पिछले साल नवंबर में पारित सभी नियम पूर्ण रूप से लागू रहे। वर-वधू पक्षों ने नियमों का पालन किया। विवाह में वर पक्ष का हल्दी रस्म पूरी तरह से बंद रहा। दुल्हन के घर मेहंदी में सीमित लोग रहे। नियमानुसार महिलाओं ने ही प्रतिभाग किया। दोनों पक्षों में अंग्रेजी शराब पूरी तरह प्रतिबंधित रहने से विवाह पारंपरिक जनजतीय रूप में संपन्न हुई।
मित्र राष्ट्र नेपाल के पूर्व विधायक गेलबु बोरा ने कहा कि समिति के सदस्य अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान संरक्षक मंडल के हरक सिंह बुदियाल, देवकी देवी, पूरन बुदियाल, जयेंद्र एतवाल, विमल बोरा ने विचार रखे। बैठक में कृष्ण सिंह, गोपाल सिंह, पुष्कर गर्ब्याल, गोविंद गर्ब्याल, धीरेंद्र बुढाथोकी, कवींद्र बूढ़ाथोकी, विनोद तिंकरी, अशोक बोरा आदि मौजूद थे।