धारचूला (पिथौरागढ़)। देश में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरा होने पर मैसूर में नौ अप्रैल को कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 1980 बैच के आईएफएस दारमा घाटी के बिशन सिंह बोनाल को आउट स्टैंडिंग कंट्रिव्यूशन फॉर टाइगर कंजरवेशन के लिए सम्मानित किया।
आईएफएस बोनाल नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी के पूर्व सदस्य सचिव और प्रोजेक्ट टाइगर के एडीजी भी रहे हैं। असोम कैडर के आईएफएस बोनाल ने बताया कि उन्हाेंने यूनेस्को की विश्व धरोहर मानस टाइगर रिजर्व और काजीरंगा टाइगर रिजर्व दोनों में करीब 10 वर्ष तक डिप्टी एवं डायरेक्टर की हैसियत से कार्य किया।
उन कार्यों के आधार पर भारत सरकार में डेपुटेशन में डायरेक्टर दिल्ली जू, मेंबर सचिव सीजेडए और एनटीसीए में तैनाती मिली। तैनाती के दौरान उनके कार्यों को सराहना मिलने और सम्मान प्राप्त करने पर बहुत खुशी मिली है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 11 बिग कैट रेंज देशों के मंत्री और प्रतिनिधि शामिल थे। बोनाल ने कहा कि बिग केट श्रेणी की स्नो लेपर्ड की दारमा, व्यास, चौदास घाटी में फोटो और वीडियो मिलना भविष्य के लिए अच्छा संदेश है।
सम्मान मिलने पर जताई खुशी
धारचूला (पिथौरागढ़)। आईएफएस बोनाल को सम्मान मिलने पर विधायक हरीश धामी, प्रमुख धन सिंह धामी, रं कल्याण संस्था के संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, अध्यक्ष करन सिंह गर्ब्याल, दारमा सेवा समिति के पूरन सिंह सेलाल, महासचिव दिनेश चलाल और बौन गांव के ग्रामीणों ने खुशी जताई है।