पिथौरागढ़। विभिन्न संगठनों के लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों पर पुन: प्रवेश के नाम पर वसूली करने और एनसीईआरटी के अलावा अतिरिक्त किताबों का बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। वहीं डीएम ने मामले में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
अभिभावक सहित विभिन्न संगठनों के लोग सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम रीना जोशी से कहा कि नए शिक्षा सत्र में निजी विद्यालयों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। आरोप लगाया कि नए प्रवेश के नाम पर अभिभावकों से वसूली की जा रही है। इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अलावा अन्य पब्लिकेशन की किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। साथ ही अभिभावकों पर एक ही दुकान से कापी-किताबें और स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। इनके भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने निजी विद्यालयों के मानकों की जांच करने और मानक अधूरे पाए जाने वाले विद्यालय का पंजीकरण रद्द करने की मांग भी उठाई। डीएम ने अभिभावकों को तीन दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी गोविंद महर, भाजपा नेता गोलू पाठक, दीपक जोशी, सोनू चंद, सोनम पांडे, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि शिवम कापड़ी, कमल सूठा आदि मौजूद थे।
सीईओ ने बनाई कमेटी
पिथौरागढ़। सीईओ अशोक कुमार जुकरिया का कहना है कि अभिभावकों की मांग पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, बेसिक और खंड शिक्षा अधिकारी की कमेटी बना दी है जिन्हें पुन:प्रवेश के नाम पर ली जा रही फीस की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में निजी विद्यालयों को भी आदेश जारी किए गए हैं कि अगर जांच के दौरान किसी विद्यालय में गड़बड़ी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। पाठ्यक्रम के अलावा अन्य पब्लिकेशन की पुस्तकें खरीदने की भी जांच की जाएगी।