पिथौरागढ़। छात्र संख्या शून्य होने से शिक्षा विभाग ने सिरपोली विद्यालय को बंद कर दिया है। गुरना क्षेत्र के दशकों पूर्व स्थापित प्राथमिक पाठशाला सिरपोली बंद होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण ही यह पाठशाला बंद हुई है।
गुरना क्षेत्र में आजादी से पूर्व स्थापित प्राथमिक पाठशाला सिरपोली में पहले गुरना, सेरीकांडा, तोली, निसनी, शिमली, बेड़ा, सल्ला चिगरी, सिगना, आठगांव शिलिंग, जाखपुरान, मेलडुंगरी, राड़ीखुटी, भल्या, उपरतोला सहित 25 गांवों के बच्चे पढ़ते थे। हाल के वर्षों में छात्र संख्या घटते-घटते शून्य हो गई। पूर्व उप प्रमुख राजेंद्र भट्ट ने कहा है कि कई लोगों ने इस पाठशाला से पढ़ाई कर देश-विदेश में नाम रोशन किया है। पाठशाला ने कई ब्रिगेडियर, वैज्ञानिक और शिक्षाविद दिए हैं। आज इस विद्यालय को बंद किया जाना चिंताजनक है।
पाठशाला बंद होने से क्षेत्र के बच्चों के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया है। विभाग को विद्यालय बंद नहीं करना चाहिए। - प्रियंका पांडे, प्रधान कांटे।
दशकों पूर्व स्थापित पाठशाला का बंद होना चिंता का विषय है। अब क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे विद्यालय जाना पड़ेगा। न जाने कितने बच्चे अब पढ़ाई भी छोड़ सकते हैं। - ललिता पांडे, प्रधान इग्यार देवी।
बिना लोगों की राय के पाठशाला काे बंद कर क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय किया गया है। विभाग को विद्यालय बंद करने के बजाय इसके संचालन के लिए प्रयास करने चाहिए थे। - राजेश भट्ट, पूर्व सैनिक।
प्राथमिक पाठशाला सिरपोली को फिर से संचालित किया जाना चाहिए। अगर संचालन नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। - नवीन पांडे, स्थानीय।
छात्र संख्या कम होने के कारण विद्यालय को बंद कर दिया गया है। यहां के बच्चों को पास के गुरना प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। - शिव प्रसाद सेमवाल, डीईओ बेसिक।