पेड़ पर तैयार बसराई केले के साथ किसान प्रकाश लाल वर्मा। संवाद
पिथौरागढ़। पपदेउ गांव निवासी प्रगतिशील किसान प्रकाश लाल वर्मा किसानों को बसराई प्रजाति के केले की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके तहत वह हरेले के दिन लोगों को केले के 50 पौधे बांटेंगे। प्रकाश लाल ने बताया कि उनके खेतों में बसराई प्रजाति का केला दशकों से उत्पादित हो रहा है। इस केले की विशेषता यह है कि केला चार से पांच महीने में पेड़ पर ही पकने लगता है। यहां की जलवायु इसके केले के लिए अनुकूल होने से रोग भी नहीं लगता है। स्थानीय भाषा में लोग इसे बसरिया केला कहते हैं। प्रकाश वर्मा पशुपालन और खेती के अलावा पिछले 25 वर्षाें से गांव में बंजर पड़ी भूमि में चरागाह विकसित करने की दिशा में जुटे रहे। उनके प्रयासों से वर्तमान में हराभरा चरागाह बन चुका है। संवाद
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