डाक विभाग के पास कई जमा योजनाएं हैं। ग्राहकों को इनमें जमा राशि पर ब्याज मिलता है। यह ब्याज दरें अप्रैल से संशोधित हुई हैं। ग्रामीण डाकघरों के माध्यम से इन योजनाओं का ज्यादा प्रचार किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग की सुविधा तो उपलब्ध नहीं है, इसलिए लोग जमा खातों के लिए डाकघर का ही सहारा लेते हैं। ग्रामीण डाकघरों के खातों का संचालन नजदीकी उप डाकघर के माध्यम से होता है, जबकि सारा रिकार्ड मुख्य डाकघर में रखा जाता है। डाक विभाग के अधिकारी बताते हैं कि सारी व्यवस्था बेहद पारदर्शी होती है। खाताधारक को अपने खाते का रिकार्ड जानने की आजादी है। वह किसी भी वक्त खाते की डिटेल ले सकता है, इससे पारदर्शिता बनी रहती है।