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Pithoragarh News: तीन साल में पिथौरागढ़ में विकसित की जाएगी तिमूर घाटी

Fri, 17 Mar 2023 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। सरकार ने बजट सत्र में पिथौरागढ़ में तीन साल में तिमूर घाटी विकसित करने की बात कही है। पूरे जिले में तिमूर का अच्छा उत्पादन होता है। अगर भविष्य में पिथौरागढ़ में तिमूर घाटी विकसित होगी तो किसानों की आय बढ़ेगी।
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सीमांत जिले के धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मूनाकोट, कनालीछीना सहित कई अन्य हिस्सों में तिमूर का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। बावजूद इसके ग्रामीण इसका सही तरीके से व्यावसायिक प्रयोग नहीं कर पाए हैं। तिमूर का प्रयोग मसाले, चटनी, टूथपेस्ट आदि में बनाने में किया जाता है।

8-10 मीटर ऊंचाई के तिमूर के पेड़ का हर हिस्सा औषधीय गुणों से युक्त है। इसका तना, लकड़ी, छाल, फूल, पत्ती से लेकर बीज तक औषधीय गुणों से भरपूर हैं। तिमूर का बीज बेहद गर्म होता है। इसका उपयोग धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोग भोजन में करते हैं। इसका सूप बेहद गुणकारी होता है।
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पायरिया को भगाता है तिमूर
पिथौरागढ़। तिमूर पायरिया रोग को भागता है और इसकी दातून करने से दांत से संबंधित रोगों का खतरा टाला जा सकता है। इसकी पट्टियों को बारीक पीसकर भी दांत साफ किए जाते हैं। इसके बीज मुंह को तरोताजा रखने के अलावा पेट की बीमारियों के लिए भी फायदेमंद हैं। इसकी लकड़ी उच्च रक्तचाप में बहुत कारगर है। डॉ.नवीन जोशी का कहना है कि तिमूर में औषधीय गुण होने से आयुर्वेद में इसका विशेष महत्व है। संवाद
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तिमूर घाटी को लेकर वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त योजना बनाई जाएगी। -वरुण चौधरी सीडीओ।
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