पिथौरागढ़ सीमांत जिले में दूसरे दिन भी लगातार बारिश हुई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बैशाख मास में जहां गर्मी शुरू हो जाती है वहीं लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में बेड़ीनाग में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
जिले में पिछले चार दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। सोमवार को अधिकतर समय बारिश ही रही। मंगलवार को सुबह कुछ देर के लिए मौसम खुला लेकिन इसके बाद लगातार झमाझम बारिश होती रही। इससे तापमान में गिरावट आ गई। ठंड के चलते लोगों ने एक बार फिर से स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर आदि निकाल लिए।
जिले के अस्कोट, थल, कनालीछीना, भागीचौरा, जौलजीबी, बंगापानी, मदकोट, मुनस्यारी, नाचनी, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग आदि स्थानों पर भी मेघ खूब बरसे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आग का सहारा ले रहे हैं। इन दिनों शादियों का सीजन भी चल रहा है। रात की बरात में बरातियों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है।
मौसम के बिगड़े मिजाज से किसान भी परेशान हैं। घाटी वाले स्थानों पर किसान इस समय गेहूं की फसल समेटने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही सब्जियों की पौध भी लगाई जा रही है। ठंड के चलते जमीन में रोपे गए पौधे उग नहीं पा रहे हैं। बारिश से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही भी नहीं हुई। अलबत्ता शाम के वक्त करीब चार बजे बारिश रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली।
व्यास और दारमा घाटी में माइनस पांच डिग्री पहुंचा तापमान
व्यास और दारमा घाटी में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से तापमान माइनस पांच डिग्री तक पहुंच गया। उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान अंजू रोंकली ने बताया कि व्यास घाटी के सातों गांवों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ग्रामीण सड़क निर्माण के कर्मी कार्य में भी नहीं जा पा रहे हैं। दांतू के भूपेश दताल और मनोज जंग ने बताया कि मंगलवार को क्षेत्र में बारिश के साथ ही करीब तीन इंच तक हिमपात हुआ। दांतू पहुंचे पर्यटकों और ग्रामीणों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।
गर्बाधार में सड़क यातायात के लिए खुली
गर्बाधार में विस्फोट के चलते धारचूला-गुंजी सड़क सोमवार को बंद हो गई थी। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बूंदी निवासी सुभाष बुदियाल ने बताया कि मंगलवार को बीआरओ कर्मियों के सड़क से मलबा साफ करने के बाद यातायात सुचारु हो पाया।