तेजम तहसील के मसूरीकांडा-होकरा मोटर मार्ग में हुए भीषण हादसे के बाद खाई में सैकड़ों मीटर नीचे तक यात्रियों के शव बिखरे पड़े थे। जिसने भी यह दृश्य देखा उसका कलेजा कांप गया और आंखें नम हो गईं।
सुबह लगभग 10 बजे जैसे ही होकरा में वाहन के खाई में गिरने की जानकारी मिली स्थानीय युवा मौके पर पहुंच गए। हीरा सिंह मेहता, गंगा सिंह, दीपक सिंह, खुशाल सिंह, पूर्व सैनिक नंदन सिंह, जयराज कोरंगा, बलवंत सिंह, कुंदन सिंह सहित अन्य युवाओं ने दुर्घटना में किसी के जीवित बचे होने की उम्मीद में खाई में उतरकर खोजबीन की। खाई में अलग-अलग दूरी पर यात्रियों के शव पड़े थे। दुर्घटना की सूचना पर खोयम और होकरा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों मौके पर जुट गई थी जिसने भी यह मंजर देखा उसकी आंखें नम हो गईं।
बारिश से सड़क पर बना था नाला
खोयम के प्रधान हीरा सिंह मेहता के अनुसार बुधवार की रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई थी। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है वहां पर बारिश के चलते सड़क पर नाला जैसा बन गया था और कीचड़ भी था। लोगों के अनुसार गड्ढे से बचने के प्रयास में वाहन का टायर सड़क किनारे धंसने से यह दुर्घटना हुई होगी।
होकरा से पांच सौ मीटर पहले ही हो गया हादसा
बागेश्वर के शामा से पूजा के लिए होकरा मंदिर जा रहे लोगों का वाहन होकरा से मात्र 500 मीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माता के मंदिर में पूजा के लिए जा रहे यात्रियों को आभास भी नहीं हुआ होगा कि इस बदहाल सड़क पर उनका यह अंतिम सफर होगा। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रदेश सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने विभाग से शीघ्र सड़क की मरम्मत करने को भी कहा है।
डीएम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
दुर्घटना की सूचना के बाद डीएम रीना जोशी पिथौरागढ़ से होकरा पहुंचीं। उन्होंने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मृतकों के पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ को मौके पर डॉक्टर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद मुनस्यारी सीएचसी सहित विभिन्न अस्पतालों से डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई। इस दौरान सीएमओ एचएस ह्यांकी, एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, नाचनी थानाध्यक्ष चंदन सिंह आदि अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।