बचकोट और स्यूबन के लोगों ने पेयजल संकट के खिलाफ जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। इन लोगों का आरोप है कि योजना का पुनर्निर्माण करने के बाद से बचकोट और स्यूबन में पेयजल संकट गहराया है। पानी न आने के बावजूद विभाग पानी के बिल उपभोक्ताओं को भेज रहा है। स्यूबन के ग्राम प्रधान विशन भंडारी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में इन लोगों ने कहा कि न्वाली-बचकोट-स्यूबन पेयजल योजना वर्ष 2009 की बरसात में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गई थी। वर्ष 2011-12 में जल संस्थान ने आपदा मद से योजना का पुनर्निर्माण किया। पुनर्निर्माण से पहले सैनीखाल नामक स्थान में मेन लाइन से आधा पानी स्यूबन ग्राम पंचायत को दिया जाता था, आधा पानी अन्य गांवों को दिया जाता था लेकिन अब काफी कम पानी दिया जा रहा है, जिससे स्यूबन और बचकोट में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। पानी न आने से लोग परेशान हैं। इन लोगों ने पहले की तरह उपलब्ध पानी में से आधा पानी स्यूबन ग्राम पंचायत को देने के साथ ही पानी न आने की अवधि का बिल माफ करने की मांग की है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने मामले में जल संस्थान को निर्देशित करने की बात कही है। प्रदर्शन में पूर्व प्रधान देव राम, जीत राम, बहादुर राम, शमशेर, तारा दत्त, कीर्ति बल्लभ, काजल, शंकर राम कोहली, जीवन विश्वकर्मा आदि थे।