संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में नहीं रहने के इच्छुक लोग अब होटलों में भी रह सकते हैं। यहां वो मनपसंद खाने का भी आनंद उठा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें मनपसंद खाने और होटल के किराए का भुगतान करना पड़ेगा। कोविड-19 के कहर के बाद महानगरों व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पलायन हो रहा है। अभी तक सीमांत जनपद में 15 हजार से अधिक लोग पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों से आ रहे लोगों के लिए संस्थागत क्वारंटीन सेंटर बनाए हुए हैं। यहां इनके लिए रहने खाने की व्यवस्था की गई है। महानगरों से कई ऐसे लोग भी आ रहे हैं जो संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में रहना पसंद नहीं कर रहे हैं। प्रशासन अब ऐसे लोगों के लिए डिमांड अनुसार होटलों की व्यवस्था करेगा। मनपसंद क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले लोगों को अपनी जेब से होटल का किराए का भुगतान करना पड़ेगा। लेकिन अभी तक प्रशासन से किराया तय नहीं किया है। ये लोग यहां आसानी से मन पसंद खाने का भी आन्नद ले सकते हैं इसके लिए उन्हें खाने के अनुसार होटल स्वामियों को भुगतान करना होगा।
--::: संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में आ रही है कम्बाइंड शौचालय की दिक्कत :: पिथौरागढ़। सस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में सर्वाधिक एक ही शौचालय के होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। अधिकतर सेंटरों में जमीन पर बैड की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। इन सेंटरों मे लोगों को मन पसंद खाना भी नहीं मिल पा रहा है। ----::: " बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग मनपसंद क्वारंटीन सेंटरों में भी रह सकते हैं। इसके लिए लोगों को होटल के किराए और मनपसंद खाने का भुगतान करना पड़ेगा।" -डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, डीएम पिथौरागढ़।