पिथौरागढ़। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने रामलीला मैदान से रैली निकाली। इस दौरान कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर खुद तो पेंशन लेते हैं, हमको टेंशन देते हैं, कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन, राजकीय शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, फार्मासिस्ट एसोसिएशन, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन समेत कई संगठनों से जुड़े कर्मचारी रविवार को रामलीला मैदान में एकत्र हुए और सभा की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य बनाने में कर्मचारियों का बहुत बड़ा योगदान है। वर्ष 2005 के बाद सरकारी नौकरी में आने वाले लोगों को पेंशन से वंचित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी पेंशन के हक को लेकर रहेंगे। उन्होंने पुरजोर स्वर में पुरानी पेंशन बहाल किए जाने की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि पेंशन बहाली की मांग पूरी नहीं हुई तो वे आगामी चुनावों में करारा जवाब देंगे। बाद में रैली नगर पालिका तिराहे से सिमलगैर, सुभाष चौक, केएमयू स्टेशन होते हुए टकाना रामलीला मैदान में पहुंची।
यहां अध्यक्ष बिजेंद्र लुंठी, राजेंद्र सिंह बोरा, जितेंद्र वल्दिया, दिनेश गुरूरानी, जयप्रकाश वर्मा, प्रवीण रावल, प्रदीप भट्ट, मोहन लाल वर्मा, गजेंद्र बिष्ट, ललिता प्रसाद जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती, केएस अधिकारी, व्यापार संघ अध्यक्ष तपन रावत, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, पंकज पंत, चंद्रशेखर भट्ट, पीएस डीनिया, महिपाल डोबाल, दिनेश जोशी, कैलाश पुनेठा समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। मुनस्यारी के जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने भी कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया है। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया है।
दूरदराज क्षेत्रों से भी पहुंचे कार्मिक
पिथौरागढ़। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिला स्तरीय रैली में जिले के विभिन्न विकास खंडों से भी लोग पहुंचे। उनका कहना था कि पेंशन उनका हक है, इसे लेकर रहेंगे। रैली को लेकर महिला कर्मचारियों में खासा उत्साह देखा गया। वहीं कई कार्मिक रामलीला मैदान में तेज धूप से बचने को बाजार में इधर-उधर छांव तलाशते रहे। संवाद