पिथौरागढ़। प्रशासन के निर्देश के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से मरीजों के लिए जेनेरिक दवाएं लिखी जाने लगी हैं। इससे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मरीजों को राहत मिली है।
जिला अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाइयां मिल सकें इसको लेकर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया है। कुछ डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखने से परहेज कर रहे थे। इसको लेकर केंद्र संचालक भगवान सिंह ने पीएमएस को पत्र लिखकर शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि जन औषधि केंद्र पर अधिकांश मरीज बाहर से लिखी एलोपैथिक दवा का पर्चा लेकर पहुंचते हैं।
डॉक्टर जेनेरिक दवाइयों के नाम नहीं लिखते हैं। इसके अलावा देवभूमि शिक्षा केंद्र के नीरज जोशी ने इस मामले को एडीएम डॉ.शिव कुमार बरनवाल के समक्ष उठाया था। इस पर उन्होंने पीएमएस को मरीजों के पर्चों पर जेनेरिक दवाएं लिखे जाने के निर्देश दिए थे।अस्पताल प्रबंधन के निर्देशों के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक जेनेरिक दवाएं लिखने लगे हैं। इससे लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
जिला अस्पताल पहुंचते हैं प्रतिदिन 700 से अधिक मरीज
पिथौरागढ़। लोगों को सस्ता इलाज मिल सके इसको लेकर सरकार अलग-अलग योजनाओं का संचालन कर रही है। इसको लाभ लेने के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों से हर दिन 700 से अधिक मरीज उपचार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मरीजों पर जन औषधि पर उपलब्ध जेनेरिक दवा मिलने से आर्थिक भार कम हो जाता है। संवाद
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि अस्पताल में संचालित जन औषधि केंद्र में उपलब्ध दवा ही लिखने के चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं। केंद्र में दवा उपलब्ध न होने पर बाहर की जेनेरिक दवा ही लिख सकता है। यदि कोई चिकित्सक बाहर की दवा लिखता है तो कार्रवाई होगी।