तवाघाट-लिपुलेख सड़क में शुरू हुई छोटे वाहनों की आवाजाही। संवाद
चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क के आठवें दिन खुलने के बाद यात्रियों के साथ ही ग्रामीण और सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली है। उच्च हिमालय में फंसे यात्री अब अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रहे हैं।
तवाघाट-लिपुलेख सड़क सात दिन पूर्व लखनपुर के पास चट्टान दरकने से बंद हो गई थी। इसके चलते 300 से अधिक यात्री धारचूला और उच्च हिमालयी क्षेत्र में फंस गए थे। सड़क जल्द नहीं खुलने की आशंका के मद्देनजर डीएम के निर्देश पर पुलिस, एसएसबी और एसडीआरएफ ने तीन दिन तक रेस्क्यू अभियान चलाते हुए करीब 360 यात्रियों को सुरक्षित सड़क पार कराई। इधर सड़क बंद होने से 50 से अधिक यात्री गुंजी और 150 आदि कैलाश यात्री धारचूला में फंस हुए थे।
मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे सड़क खुलने के बाद आदि कैलाश, ओम पर्वत यात्रियों के साथ ही ग्रामीण और सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली है। सड़क को अभी छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। सड़क खुलने के बाद केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश यात्रा के 10वें दल के 20 यात्री भी बूंदी से धारचूला की ओर रवाना हो गए हैं। साथ ही आदि कैलाश दर्शन को जाने वाले यात्री भी धारचूला से गुंजी को रवाना हो गए हैं।