पिथौरागढ़ में मानस एकेडमी में आयोजित पुलिस की पाठशाला में जानकारी देते सीओ। संवाद
पिथौरागढ़। छात्र-छात्राओं को जीवन में नैतिक मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए। माता- पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। वह बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें विद्यालय में पढ़ने भेजते हैं तो उन्हें पूरी लगन से मेहनत करनी चाहिए। यह बात सीओ नरेंद्र पंत ने जेबी मेमोरियल मानस एकेडमी में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन की पुलिस की पाठशाला में कही।
बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जेबी मेमोरियल मानस एकेडमी में पुलिस की पाठशाला में मुख्य अतिथि सीओ नरेंद्र पंत ने कहा कि विद्यालय में मिली शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी होती है। शिक्षक जो भी ज्ञान देते हैं वह जीवनभर काम आता है। अगर इस उम्र में छात्र-छात्राएं नशे के आदी हो गए तो उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। बच्चे हर रोज विद्यालय और इंटरनेट के माध्यम से कुछ न कुछ नया सीखते हैं। ऐसे में बच्चों को जागरूक और सजग रहकर अन्य लोगों को सजग करना चाहिए।
अपराध होने पर आवाज उठानी चाहिए। साइबर अपराध के लिए 1930 नंबर और किसी अन्य घटना के लिए 112 पर कॉल करें। मोबाइल का अधिक उपयोग उनके विकास में बाधक बन सकता है। ऐसे में उन्हें इस उपयोग सीमित करना चाहिए। सीओ पंत ने कहा कि अगर बच्चे स्कूल से बाहर कोई गलत कार्य करते हैं तो शिक्षक भी इसका ध्यान रखें और उनका मार्गदर्शन करें।
एकेडमी के निदेशक डॉ. अशोक पंत ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की कार्यशाला बच्चों में जागरूकता को बढ़ावा देगी और इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से वह सजग होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे। प्रधानाचार्य सुनीता रावत ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर सूरज बिष्ट, एसएस बोहरा, विजेंद्र पटियाल, सुमन बिष्ट, भावना भट्ट, मोनिका अजगला मौजूद रहीं।