गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। क्षेत्र के जीबल टाॅप से रविवार सुबह 10 बजे से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पायलट शंकर सिंह और युवा मनीष मखोलिया ने पैराग्लाइडिंग से उड़ान भरी। इस आकर्षक नजारे को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
मनीष ने बीरविलिंग हिमाचल प्रदेश में दो बार विश्व पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर ख्याति प्राप्त पायलटों को अपनी ओर आकर्षित किया है। जीबल पहाड़ी की चोटी पर पहुंचने के लिए पिछले वर्ष जिला प्लान से सात लाख रुपये से रास्ता बनाया गया था लेकिन वह अधूरा रह गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि अगर जीबल टाॅप तक पायलट को पहुंचने में आसानी होगी तो इससे भविष्य में इस साहसिक खेल को आगे बढ़ाने में मदद मिलती।
पायलट शंकर सिंह ने बताया कि गंगोलीहाट क्षेत्र दो नदियों के बीच होने की वजह से शानदार है। यहां से उड़ान का शानदार रोमांच होता है। यहां साल के 10-11 महीने व्यावसायिक पैराग्लाइडिंग की जा सकती है। इससे दर्जनों लोगों को रोजगार मिल सकता है। साथ ही यह क्षेत्र जिले का बेहतरीन पर्यटन स्थल बन सकता है। पिछले वर्ष 27 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पांच पायलटों ने एक साथ जीबल से उड़ान भरी थी। इसमें तीन पाइलट चार घंटे में पिथौरागढ़ के बड़खालेख में उतरे थे। रविवार को भी दोनों पायलट ने जिला मुख्यालय की ओर उड़ान भरी।