पिथौरागढ़। एक राज्य एक पंचायत चुनाव लागू करने की मांग को लेकर उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के सदस्यों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया। उन्होंने डीएम एसके बरनवाल के माध्यम से पीएम, सीएम को ज्ञापन भी भेजा।
ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड में हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जनपदों में 2024-25 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव किए जाने प्रस्तावित हैं। कहा कि पीएम की पहल के बाद पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने एक देश एक चुनाव पर अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को दे दी है। कहा कि पंचायत चुनाव एक साथ कराने के लिए वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।
पीएम के विजन को पूरा कराने के लिए सीएम से भी एक राज्य एक पंचायत चुनाव के सिद्धांत को लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने वार्ता के लिए आमंत्रण नहीं देने पर देहरादून कूच करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
कार्यक्रम संयोजक जगत मर्तोलिया ने कहा कि 70 हजार प्रतिनिधियों का यह संगठन राजनीतिक और सामाजिक ध्रुवीकरण करने की क्षमता रखता है। ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह सौन कहा अगर सरकार नहीं मानी तो प्रदेश के हर गांव में सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरु करेंगे।
सभी को हरीश जोशी, मुनस्यारी की क्षेत्र प्रमुख भावना देवी, जिला पंचायत सदस्य चंदन वाणी, बंशीधर भट्ट, गंगोत्री दत्ताल, हरीश कन्याल, गोपाल सिंह मेहता, महिपाल बल्दिया, मनोज बिष्ट, राजेश रोशन, आनंद राम लोहिया, पुष्पा देवी, भूपेंद्र प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि कलक्ट्रेट में गरजे
- पंचायतों का कार्यकाल दो साल बढ़ाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने एक देश एक चुनाव की भावनाओं को फलीभूत करते हुए एक राज्य एक पंचायत चुनाव का फार्मूला उत्तराखंड में लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हरिद्वार को छोड़कर शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत का चुनाव 2024-2025 में किया जाना प्रस्तावित है। कहा कि कोविड काल में दो साल तक पंचायतों में विकास कार्यों के लिए कोई बजट आवंटित नहीं किया गया। यहां तक कि ग्राम पंचायतों की बैठकें तक नहीं हुईं। इस कारण इन दो वर्षो को पंचायतों के पांच साल के कार्यकाल के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।
उन्होंने पंचायतों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने और पूरे राज्य में एक साथ पंचायती चुनाव कराने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में खीमानंद बिनवाल, नारायण सिंह, आशा मौनी, सुनीता नेगी, हयात सिंह बिष्ट, खष्टी देवी, राजेश्वरी जोशी, दीपक सिंह, कैलाश सिंह आदि मौजूद रहे।