पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में एक लाख 20 हजार गोवंश को लंपी के टीके लगाए जाएंगे। लंपी, खुरपका, मुंहपका की रोकथाम के लिए पशु पालन विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिले भर में अभियान चलाकर 60 टीम टीकाकरण करेंगे। टीम पशुपालकों को पशुपालन की जानकारी देकर रोगों से बचाव की जानकारी भी देंगे।
पिछले वर्ष सीमांत जिले में दो लाख से अधिक गोवंश में लंपी के लक्षण पाए गए थे। टीकाकरण के लिए पशु पालन विभाग को जिले के अन्य हिस्सों से फार्मासिस्ट और चिकित्सक बुलाने पड़े थे। पशु पालन विभाग ने इस बार पहले से ही लंपी से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। पिथौरागढ़ जिले में 60 टीमें एक लाख 20 हजार गोवंश को लंपी के टीके लगाएंगे। इसके अलावा खुरपका और मुंहपका के टीके लगाए जाएंगे।
पिछले वर्ष नेपाल सीमा से लगे गांवों में लंपी के ज्यादा मामले पाए गए थे। पशु पालन ने सीमा से लगने वाले 50 गांवों को चिह्नित कर प्राथमिकता से टीकाकरण करेगा। वर्ष 2023 में एक लाख 23 हजार मवेशियों को खुरपका, मुंहपका के टीके लगाए गए थे। एक लाख 40 हजार गोवंश को लंपी के टीके लगाए थे। डिप्टी सीवीओ डॉ. पंकज जोशी ने बताया कि टीकाकरण के साथ-साथ पशुओं को टैग भी लगाए जाएंगे।
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लंपी वायरस के लक्षण
पिथौरागढ़। डिप्टी सीवीओ डॉ. पंकज जोशी ने कहा कि लंपी में गो वंश की आंखों और नाक से पानी टपकता है। इससे उनकी आंखों का रंग और स्वास्थ्य प्रभावित होता है। मवेशियों में पानी का स्तर काफी कम हो जाता है। इसके अलावा दूध का उत्पादन काफी गिर जाता है।
इनसेट
कोट-
जिले भर में खुरपका, मुंहपका और लंपी की रोकथाम के लिए अभियान चलाकर टीकाकरण कर दिया है। जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. पंकज जोशी, सीवीओ पिथौरागढ़।