पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में अब महिला मरीजों के लिए बेड की कमी नहीं रहेगी। महिला अस्पताल में 3.5 करोड़ रुपये से नये भवन का निर्माण पूरा हो गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था रंगरोगन का कार्य कर रही है। रंगरोगन के बाद भवन जिला अस्पताल को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
महिला चिकित्सालय में जिले की पांच लाख की आबादी के साथ ही चंपावत, बागेश्वर, नेपाल की महिलाएं भी प्रसव और अन्य उपचार के लिए आती हैं। महिला चिकित्सालय में स्वीकृत 62 बेड के सापेक्ष केवल 32 बेड ही उपलब्ध हैं। अस्पताल में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक विंग स्थापित करने के बाद जगह की कम हो गई है। 10 बेड का स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) भी बना है। प्रसव के लिए आए महिलाओं के तीमारदारों के लिए अस्पताल में जगह नहीं मिल पाती। ऐसे में तीमारदार बाहर लगी कुर्सियों, बेंच पर ही रात बिताने के लिए मजबूर रहते हैं। ठंड में महिला अस्पताल में मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूर्व डीएम डॉ. आशीष चौहान ने नए भवन के निर्माण के लिए खनन न्यास निधि से रुपये स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य शुरू कराया। अब अस्पताल भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है।
इनसेट कोट-
जिला महिला अस्पताल के नये भवन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में पेंट आदि का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही अस्पताल प्रबंधन को भवन हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
नीरज चंद्र ओली, सहायक अभियंता आरईएस पिथौरागढ़।
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नया भवन बनने के बाद बहुत राहत मिलेगी। जिले के एक मात्र महिला अस्पताल में पिथौरागढ़ सहित कई अन्य जिलों से बड़ी संख्या में महिला रोगी आते हैं।
डॉ. जेएस नबियाल, सीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।