फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh News: अब तो... बेड़ू पाको बारो मासा, ओ नारायण काफल पाको 'पौषा'

Tue, 26 Dec 2023 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
विज्ञापन
डीडीहाट के नारायण नगर में काफल का पेड़। संवाद
विज्ञापन
संजू पंत
विज्ञापन

डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कुमांऊ का लोकप्रिय गीत बेड़ू पाको बारो मासा, ओ नारैण काफल पाको चैता... में यहां के प्रसिद्ध फल बेड़ू और काफल के पकने के समय का जिक्र किया गया है लेकिन मौसम में आ रहे परिवर्तन के चलते अब काफल चैत के बदले पौष माह में ही पकने लगा है।
डीडीहाट के नारायण नगर में जाड़ों के मौसम में काफल पकने लगा है। काफल के पकने का सही समय चैत यानी 15 मार्च के बाद होता है लेकिन मौसम में आ रहे चक्रीय परिवर्तन के चलते कुछ वर्षों से काफल फरवरी में पककर तैयार हो रहे थे। इस बाद तीन माह पूर्व दिसंबर में ही काफल से पेड़ लद गए हैं। नारायण नगर में देवेंद्र कन्याल के मकान के सामने स्थित काफल से लकदक पेड़ को देखने वालों की भीड़ लग रही हैं। देवेंद्र कन्याल का कहना है कि काफल में इस बार जल्दी फल आ गया था और अब ये पकने लग गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पर्यावरण के जानकार डाॅ. लोकेश डसीला कहते हैं कि वैश्विक तापमान वृद्धि का असर पेड़-पौधों पर भी होने लगा है। काफल मार्च से पकने शुरू होते हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण कई बार फलदार पौधों में असमय फूल-फल आने शुरू हो जाते हैं। पुलम, खुबानी और आडू के पेड़ों में भी अक्सर ऐसा देखने को मिला है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें