गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की सीमा से लगे एलोपैथिक अस्पताल बनकोट (एसएडी) फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। मजबूरी में मरीज 14 किमी दूर सीएचसी गणाई गंगोली या 110 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। लोग लंबे समय से यहां चिकित्सक की नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश है। लोगों ने शीघ्र चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है।
बनकोट क्षेत्र का एसएडी वर्षों से स्थायी चिकित्सक की राह ताक रहा है। लोगों का कहना है कि 70-75 वर्ष पहले खुले अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव है। राज्य बनते समय अस्पताल में दो चिकित्सक कार्यरत थे। राज्य बनने के बाद अस्पताल चिकित्सक विहीन हो गया। वर्ष 2018 में अधिसंख्य चिकित्सक के रूप में दंत चिकित्सक डॉ. अरविनंदन की तैनाती हुई जो जनवरी 2022 तक रहे लेकिन उनका चयन पीजी में होने के कारण छह महीनों से चिकित्सक का पद खाली है। जून में पहाड़ों में बांडधारी चिकित्सकों की तैनाती हुई थी। इसके बाद भी यहां चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई।
सीएम हेल्पलाइन से भी नहीं सुलझी शिकायत
पिथौरागढ़। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद भी अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई। लोगों का कहना है कि डॉ. अमित कुमार पंत के रूप में नियुक्ति बनकोट एलोपैथिक चिकित्सालय के लिए हुई थी। दो महीने बीतने के बाद गंगोलीहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उनका संबद्धिकरण चल रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से चिकित्सक को मूल तैनाती स्थल में जाने के निर्देश मिले थे लेकिन इसके बाद भी वह एलोपैथिक अस्पताल बनकोट नहीं आए।
सप्ताह में तीन दिन आ रहे अस्थायी चिकित्सक
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गणाई गंगोली के एक डॉक्टर को तीन दिन की अस्थायी व्यवस्था में बनकोट अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे गणाई गंगोली क्षेत्र में व्यवस्था चरमरा गई है। बनकोट अस्पताल में 20,000 से 25,000 की आबादी का भार है। आदेशों के बावजूद स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से चिकित्सक को मूल तैनाती स्थल भेजने की मांग की है।
बनकोट अस्पताल के चिकित्सक सीएचसी गंगोलीहाट से संबद्ध हैं उन्हें जल्द बनकोट अस्पताल में तैनात कर दिया जाएगा। - डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।