- झंडा फहराने की नीयत से यात्रा निकालना पड़ा भारी नेत्रचन्द विप्लव पार्टी के समर्थकों को संवाद न्यूज एजेंसी धारचूला(पिथौरागढ़)। कालापानी और लिपुलेख को अपनी भूमि बताकर झंडा फहराने की नीयत से विवादित यात्रा पर निकले नेपाल के युवा संगठन को भारत विरोधी अभियान यात्रा निकालना भारी पड़ गया। सूत्रों के अनुसार नेपाल के ब्यास गांव पालिका दुमलिंग में लोगों ने इन युवकों को वापस लौटने को कहा। नहीं मानने पर ग्रामीणों ने सभी को खदेड़ दिया। यात्रा का नेतृत्व कर रहे जीवन बिष्ट ने लोगों पर लाठी डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया है। भारत पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए नेपाल का एक युवा संगठन लिपुलेख में झंडा फहराने के इरादे से यात्रा पर है। इसमें शामिल युवकों को नेत्रचन्द विप्लव पार्टी का समर्थक बताया जा रहा है। युवा संगठन के बैनर पर 18 मई को लेकम गांव पालिका से लिपुलेख के लिए आठ सदस्यीय दल निकला था। बताया जा रहा है कि इन युवकों को ब्यास गांव पालिका दुमलिंग में लोगों ने समझाया और भारत को मित्र राष्ट्र बताते हुए वापस लौटने की सलाह दी। लोगों का कहना था कि नेपाल के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं। इस तरह की यात्रा का बिल्कुल भी समर्थन नहीं किया जाएगा। जब युवक दुमलिंग से आगे जाने की कोशिश करने लगे तो युवाओं को ब्यास गांव पालिका दुमलिंग में ब्यासी शौका समाज के बच्चो बुजर्गों महिलाओं ने मार्ग रोककर वहीं से वापस लौटने को मजबूर कर दिया। हालांकि इस टोली का नेतृत्व कर रहे जीवन बिष्ट ने ग्रामीणों पर उनको डंडे से पीटने का आरोप लगाया। जीवन बिष्ट का कहना है लोगों ने उन्हें डराया धमकाया। उनके साथी सुरेंद्र बिष्ट को गर्दन में चोटें भी आई हैं। वहीं दूसरी और ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी विवादास्पद यात्रा के कारण नेपाल दुमलिंग से आगे हो रहे पुल निर्माण के कार्य में व्यवधान हो सकता है। इसीलिए इनको रोका गया है। भारत हमारा मित्र राष्ट्र हैं और मित्र से बातचीत के माध्यम से ही समस्या का समाधान करना चाहिए।