संवाद न्यूज ऐजेंसी, झूलाघाट (पिथौरागढ़)। झूलापुल खुलने की आस लेकर सीमावर्ती कस्बों की ओर आने वाले नेपाली मजदूरों को वापस ठेकेदारों के पास लौट आया जा रहा है। प्रशासन से राहत शिविर बनाने के संबंध में निर्देश न मिलने से अभी तक 64 मजदूरों को वापस भेजा जा चुका है। लाॅकडाउन से बेरोजगार हो चुके नेपाली मजदूरों को दो बार झूलापुल खोलकर अपने घर नेपाल भेजा जा चुका है। नेपाल सरकार ने अब 31 मई तक सीमा पुलों को बंद करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने भी राज्य में फंसे प्रवासियों को लाना शुरु कर दिया है। ऐसे में इन लोगों को सेंटर क्वारंटीन की जरुरत होती है तो प्रत्येक गांव के सरकारी स्कूल ही अच्छे विकल्प होंगे। स्कूलों में रह रहे नेपाली नागरिकों को 30 अप्रैल को स्वदेश भेजा जा चुका है। इस बीच सीमावर्ती कस्बों की ओर आ रहे नेपाली नागरिकों को वापस ठेकेदार के यहां भेजा जा रहा है। अभी तक पुलिस और राजस्व विभाग ने पिथौरागढ़ के मड़ से आए मजदूरों को गेठिेगाड़ा, आठ मजदूरों को चंडाक, 16 को थल रामगढ़ से आए 17 मजदूरों को लोहाघाट और आठ साथियों को रिश्तेदारों के यहां भेजा जा चुका है।
-: थल से नौ मजदूर लौट आए :- झूलाघाट। थल से पैदल चलकर नौ मजदूर फिर झूलाघाट पहुंच गए है। पुलिस से बचने के लिए ये लोग अलग-अलग झूलाघाट कस्बे में घूम रहे हैं। बैतड़ी रपना वार्ड संख्या छह के मनोज धानुक और ललित अवस्थी ने बताया काम बंद होने से ठेकेदार ने कुछ दिन तक खाना खिलाया। एक महीने से वे अपने कमाए हुए पैसों से खर्च कर रहे है। अब वो भी समाप्त होने को है। पुल खुलने की आस से वे यहां पहुंचे है। इस बारे में थाना प्रभारी महेश चंद्र से पूछा गया तो उन्होने पता लगाने की बात कही।