संवाद न्यूज एजेंसी, झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल ने सीमा पार बॉर्डर एरिया पोस्ट के लिए स्थाई भवनों का निर्माण शुरु कर दिया है। इन पोस्ट तक सड़क पहुंचाने के लिए दो दिन से पोकलैंड मशीनें लगी हैं। सीमा पार हो रहे सड़क निर्माण से भारतीय गांवों में लोग डरे हैं।
जहां विश्वभर के लोग कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लिए लगे हुए है। वहीं नेपाल सीमा पर पेट्रोलिंग करने के लिए सड़क बनाने में लगा हुआ है। नेपाल ने भारतीय क्षेत्र के टाकुला के सामने सड़क बनाने के लिए पोकलैंड मशीन को लगा रखा है। सड़क को कुछ दूरी पर बन रहे नेपाल सशस्त्र प्रहरी बल के भवनों तक लाया जाना है। फिलहाल वहां पर फाइवर के अस्थाई भवनों में नौ जवान रह रहे है। तड़ीगांव की प्रधान कविता चंद ने बताया नेपाल अपनी सुरक्षा के लिए नदी के किनारे तक सड़क पहुंचा रहा है। भारत के सीमावर्ती गांवों में आज भी सड़क नहीं है। नेपाल के प्रहरी जवान रात के समय सीमा पर सर्च लाईट न लगाकर गाँवों में लगा रहे हैं। फाइवर के बने कमरों के बाहर चीनी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। इससे दो किमी आगे हल्दू की ओर मनायल के पास भी एक बीओपी बन गई है। बृहस्पतिवार को टाकुला, पीपलतड़ा, बोनकोट ओर तड़ीगांव के लोगों ने एसएसबी के एएसआई पुष्पेंद्र कुमार को इस बारे में जानकारी दी। एसएसबी के अधिकारियों ने बताया सारी जानकारी मुख्यालय भेज दी गई है। मिलने वालों में भुपेंद्र चंद, रोशन, प्रकाश राम, मोहन राम, करन राम और सुरेश चंद मौजूद रहे। राजेश फोटो- भारत से लिया गया नेपाल में सड़क निर्माण का फोटो।