पिथौरागढ़। सर्दी बढ़ने के साथ ही सड़कों पर पाला जमना शुरू हो गया है। बावजूद इसके पाला संभावित क्षेत्रों में न तो चूने और नमक का छिड़काव किया गया है और न चेतावनी बोर्ड ही लगाए गए हैं जिस कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। पिछले एक माह में 100 से ज्यादा दोपहिया वाहन चालक पाले पर फिसलकर घायल हो चुके हैं।
इन दिनों पाला गिरने से जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग सहित आधा दर्जन सड़कें यातायात के लिए खतरनाक हो गई हैं। इनमें सबसे खतरनाक घाट-तवाघाट एनएच है। इसमें इग्यारदेवी, नैनीपातल, सतगढ़, पलेटा, पातलपोखरा और गुड़ौली सहित कई अन्य हिस्सों पर भयानक पाला गिरता है।
प्रमुख एनएच होने के कारण इस सड़क पर अन्य सड़कों की तुलना में गाड़ियों की आवाजाही अधिक रहती है। एक अनुमान के तहत इस सड़क पर प्रतिदिन तीन हजार से अधिक गाड़ियाें की आवाजाही होती है। छोटे सफर के लिए लोग दोपहिया वाहनों का प्रयोग करते हैं। हजारों की संख्या में दोपहिया वाहनों का संचालन इस सड़क पर होता है।
वर्तमान में ठंड बढ़ने के साथ ही पाला धीरे-धीरे जमने लगा है। बावजूद इसके एनएच का रखरखाव कर रही सड़क निर्माण एजेंसी बीआरओ ने पाला संभावित क्षेत्रों में चूने और नमक का छिड़काव नहीं किया है।
पिथौरागढ़-झूलाघाट सड़क पर आवाजाही हुई खतरनाक
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-झूलाघाट सड़क पर कई स्थानों पर पाला गिरता है। यहां हुड़कना पुल से वड्डा बाजार तक सड़क पर पाला गिरा रहता है। इस सड़क पर भी पाला धीरे-धीरे जमने लगा है जिससे यह सड़क आवाजाही के लिए खतरनाक हो गई है। बावजूद इसके इस सड़क पर चूने का प्रयोग नहीं किया गया है। पनार-गंगोलीहाट-राईआग सड़क पर जाड़ापानी सहित कई अन्य स्थानों पर पाला गिरने लगा है। पिथौरागढ़-बड़ाबे सड़क पर भी कई स्थानों पर अधिक पाला गिरता है। दिसंबर और जनवरी में यह सड़कें पाले के कारण सफेद नजर आती हैं। संवाद
विपरीत दिशा में घूम जाते हैं वाहन
पिथौरागढ़। अधिक पाला जमने पर सड़क पर फिसलन पैदा हो जाती है। स्थिति यह रहती है कि पाले में फिसलने से दोपहिया वाहन और कारों के अलावा भारी वाहन में भी विपरीत दिशा में घूम जाते हैं। वाहनों के फिसलकर खाई में गिरने का भी खतरा रहता है। पिछले वर्ष कनालीछीना के सतगढ़ में एक जीप पाले की वजह से खाई में गिर गई थी। इसके अलावा बुंगाछीना में एक सरकारी वाहन फिसलकर खाई में गिर गया था। संवाद
सड़क निर्माण एजेंसियों को पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने और चूने का नियमित छिड़काव करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे। -रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।
पाला संभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा पाला संभावित क्षेत्रों में चूने का छिड़काव किया जाएगा।
-एबी कांडपाल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पिथौरागढ़।