पिथौरागढ़। सीमांत जिले में वनाग्नि से छाई धुंध के बीच प्रकृति प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। हिमनगरी के नाम से विख्यात मुनस्यारी के करीब 7500 फुट की ऊंचाई पर स्थित नंदा देवी मंदिर में रेडब्रेस्ट तितली (पैपिलियो अल्केमेनोर) दिखाई दी है।
विंग्स फाउंडेशन की ओर से इन दिनों जिले में बटर फ्लाई काउंट सीजन छह का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए फाउंडेशन की टीम विभिन्न स्थानों पर रंग-बिरंगी नई प्रजाति की तितलियों की खोज में जुटी है। काउंट सीजन पांच तक यहां 182 तितलियों की प्रजातियां मिली हैं। इनमें पेंटेड लेडी और पोपंजय जैसी प्रमुख तितलियां भी शामिल हैं। फाउंडेशन के निदेशक जगदीश भट्ट ने बताया कि सदस्य चंदन कुमार, पूजा पंत और बृजेश धर्मशक्तू को फिमेल रेडब्रेस्ट तितली का चित्र खींचने में सफलता मिली है। यह तितली बेहद आकर्षक होती है। उन्होंने बताया कि यह तितली आज से चार वर्ष पूर्व जुलाई 2020 में कुमाऊं के मुक्तेश्वर वन परिधि में दिखाई दी थी। इससे पूर्व इसे वर्ष 1910 में देखा गया था। संवाद
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भट्ट ने बताया कि इस तितली के नंदा देवी में दिखाई देने से वहां की पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को बल मिलता है। उन्होंने बताया कि रेडब्रेस्ट दक्षिण एशिया में पाई जाने वाली स्वेलोटेल तितली की एक प्रजाति है। यह तितलियां पैपिलिओनिडि परिवार की बड़ी रंगीन तितलियां हैं। इसमें 550 से अधिक प्रजातियां शामिल हैं। संवाद
कोट
रेडब्रेस्ट तितली का मुनस्यारी के नंदा देवी में पाया जाना सुखद है। इससे सदस्यों का हौंसला काफी बढ़ा है। अगले सीजन में फिर से नई प्रजाति के तितलियों की खोज की जाएगी। - जगदीश भट्ट, निदेशक विंग्स फाउंडेशन, पिथौरागढ़।